अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प। / X image
भारत ने रूस से अपने तेल आयात का दृढ़ता से बचाव किया है और अमेरिका तथा यूरोपीय संघ द्वारा की गई 'अनुचित और अविवेकपूर्ण' आलोचना को खारिज किया है और मॉस्को के साथ पश्चिम के अपने व्यापार में दोहरे मानदंडों को उजागर किया है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत का ऊर्जा आयात आर्थिक आवश्यकता का विषय है, जो यूक्रेन संघर्ष के बाद वैश्विक बाजार में आए बदलावों से प्रेरित है। मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका ने वास्तव में 'वैश्विक ऊर्जा बाजारों की स्थिरता को मजबूत करने के लिए भारत द्वारा इस तरह के आयात को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया है।' भारत के विदेश मंत्रालय ने बिंदूवार अपनी बात स्पष्ट की है और कहा है कि...
ट्रम्प ने बनाया था निशाना
रूस से तेल आयात को लेकर ट्रम्प ने भारत पर निशाना साधा था और कहा था कि भारत उस आयातित तेल को खुले बाजार में बेचकर मुनाफा कमा रहा है लेकिन उसे इस बात की कोई परवाह नहीं है कि रूसी जंगी मशीनों से यूक्रेन में कितने लोगों की जान जा रही है इसीलिए मैं भारत के टैरिफ में बढ़ोतरी कर रहा हूं।
End Indian H1-B visas replacing American jobs instead and stop funding and sending weapons to the Obama/Biden/Neocon Ukraine Russia war. pic.twitter.com/u4Q1dX4bo6
— Rep. Marjorie Taylor Greene (@RepMTG) August 4, 2025
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