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इंडिया-कनाडा रिश्तों में गर्मजोशी, मनिंदर सिद्धू 12 नवंबर से भारत दौरे पर

कूटनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि मनिंदर सिद्धू का यह दौरा भारत और कनाडा के बीच नए आर्थिक अध्याय की शुरुआत साबित हो सकता है।

कनाडाई मंत्री मनिंदर सिद्धू / Via manindersidhu.libparl.ca

कनाडा की नई लिबरल सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में आई ठंडक अब पिघलती दिख रही है। विदेश मंत्री अनिता आनंद की ऐतिहासिक भारत यात्रा के बाद अब कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू भारत दौरे पर आ रहे हैं।

सिद्धू ने घोषणा की है कि वे 12 नवंबर से दो दिवसीय भारत दौरे पर रहेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाना है। नई दिल्ली में बैठकों के बाद वे 14 नवंबर को विशाखापट्टनम जाएंगे, जहां वे भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) पार्टनरशिप समिट में भाग लेंगे।

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मुख्य उद्देश्य: व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा
अपने दौरे के दौरान मनिंदर सिद्धू कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वच्छ ऊर्जा तकनीक, डिजिटल उद्योगों और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं की तलाश करेंगे। उन्होंने कहा, भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ सहयोग से न केवल नए अवसर खुलेंगे, बल्कि हमारे उद्योगों के लिए नवाचार और टिकाऊ आपूर्ति शृंखलाएं भी बनेंगी। सिद्धू ने कहा कि यह यात्रा कनाडा की इंडो-पैसिफिक रणनीति के तहत भारत के साथ आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने का प्रतीक है।

भारत-कनाडा व्यापार के बढ़ते आंकड़े
2024 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जिससे भारत कनाडा का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया। 

दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक, डिजिटल उद्योग, बुनियादी ढांचा विकास और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) हैं, जिन पर भारत और कनाडा मिलकर नए निवेश, नवाचार और टिकाऊ आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

रिश्तों में लौट रही गर्मजोशी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद यह दूसरी उच्च स्तरीय मंत्री यात्रा होगी। हाल ही में विदेश मंत्री अनिता आनंद की भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच सामान्य राजनयिक रिश्तों की वापसी की दिशा में बड़ा कदम माना गया था।

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