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भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच इस महीने हो सकता है एफटीए

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने पत्रकारों से कहा कि भारत और ईयू एफटीए पर बातचीत के अंतिम चरण में है और गणतंत्र दिवस परेड के एक दिन बाद, 27 जनवरी को होने वाली शीर्ष नेतृत्व की बैठक से पहले शेष मुद्दों को सुलझाने पर विचार कर रहे हैं।

भारत और यूरोपियन यूनियन / AI Image

भारत और यूरोपियन यूनियन (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) इस महीने के आखिर में शीर्ष यूरोपीय नेताओं के दौरे पर हो सकता है, जो कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के प्रमुख अतिथि हैं।  

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने पत्रकारों से कहा कि भारत और ईयू एफटीए पर बातचीत के अंतिम चरण में है और गणतंत्र दिवस परेड के एक दिन बाद, 27 जनवरी को होने वाली शीर्ष नेतृत्व की बैठक से पहले शेष मुद्दों को सुलझाने पर विचार कर रहे हैं।

उन्होंने आगे बताया कि भारत और ईयू के बीच हुए एफटीए के 24 चैप्टर्स में से 20 पर बातचीत को अंतिम रूप दे दिया गया है और बाकी बचे मुद्दों को वार्ताकारों द्वारा जल्दी ही सुलझा लिया जाएगा।

यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और ईयू की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 25 से 27 जनवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे और 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद दोनों नेता अगले दिन भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

यह भी पढ़ें- यूरोपीय परिषद व आयोग के प्रमुख का भारत दौरा, गणतंत्र दिवस पर होंगे मुख्य अतिथि

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस सप्ताह भारत दौरे के दौरान संकेत दिया था कि भारत-ईयू व्यापार समझौता जनवरी के अंत तक हस्ताक्षरित हो सकता है।

मर्ज ने कहा कि जर्मनी, भारत-ईयू एफटीए का पुरजोर समर्थन करता है। उन्होंने यूरोपीय संघ और भारत से मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने में तेजी लाने का आग्रह किया, क्योंकि इससे पिछले एक वर्ष में बाधित हुई आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुधारने में मदद मिलेगी।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के साथ हुई व्यापार वार्ता को अपने मंत्रालय की एक "प्रमुख उपलब्धि" बताया। उन्होंने कहा, "ब्रसेल्स में ईयू के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविक के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमने प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही, हमने एक निष्पक्ष, संतुलित और महत्वाकांक्षी समझौते को अंतिम रूप देने के रणनीतिक महत्व पर भी बल दिया, जो हमारे साझा मूल्यों, आर्थिक प्राथमिकताओं और नियम-आधारित व्यापार ढांचे के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप हो।"

उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने लिकटेंस्टीन का दौरा किया और वहां के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के साथ भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के कार्यान्वयन की समीक्षा की।

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