ऑपरेशन सिंदूर ने लिया अमेरिकी पत्रकार की मौत का बदला, मारा गया अब्दुल रऊफ पहलगाम हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान के बहावलपुर में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत द्वारा किए गए सटीक हमलों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) प्रमुख मसूद अजहर का भाई अब्दुल रऊफ (Abdul Rauf Azhar) मारा गया। जिसे लेकर अमेरिकी ग्रास रूट एक्टिविस्ट ऑर्गेनाइजेशन (American grassroots activist organisation) ने गुरुवार को कहा कि 'जैश-ए-मोहम्मद' के कमांडर अब्दुल रऊफ अजहर को मार गिराकर भारत ने अमेरिकी-यहूदी पत्रकार डेनियल पर्ल की नृशंस हत्या बदला लेकर न्याय दिलाया है। हम भारत के साथ है।
RAIR फाउंडेशन की संस्थापक और प्रधान संपादक एमी मेक ने कहा, "आज भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर और पर्ल के अपहरण, यातना और सिर कलम करने के मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल रऊफ अजहर को खत्म करके अमेरिकी-यहूदी पत्रकार डैनियल पर्ल की नृशंस हत्या का न्याय किया है, इससे हमें काफी खुशी है, कई वर्षों बाद हमें न्याय मिला है'
जो लोग नहीं जानते हैं, उन्हें बता दें, डेनियल पर्ल एक अमेरिकी पत्रकार थे जिन्होंने द वॉल स्ट्रीट जर्नल के लिए काम किया था। 23 जनवरी 2002 को, उन्हें इस्लामवादी आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया था, जब वह कराची शहर में में पाकिस्तानी धार्मिक मौलवी मुबारक अली गिलानी के साथ एक इंटरव्यू के लिए गए थे।
बता दें, वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डेनियल पर्ल को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने अगवा कर हत्या कर दी थी। अजहर को डेनियल पर्ल की नृशंस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है।
रऊफ अजहर, जैश-ए-मोहम्मद के करता-धरता मसूद अजहर का छोटे भाई है। ये भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी है। 1999 में भारतीय एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के कंधार हाइजैक का मुख्य साजिशकर्ता यही था। 24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली जा रही IC-814 को पांच आतंकवादियों ने हाइजैक कर लिया था और उसे पाकिस्तान, अमृतसर, दुबई होते हुए कंधार, अफगानिस्तान में स्थित तालिबान-नियंत्रित क्षेत्र में ले गए थे। इस हाइजैक का उद्देश्य जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर को रिहा करना था। हालांकि 'ऑपरेशन सिंदूर' के जवाबी हमले के दौरान पाकिस्तान के बहावलपुर में जवाबी हमले में रऊफ अजहर मारा गया।
आरएआईआर फाउंडेशन की संस्थापक एवं प्रधान संपादक एमी मेक ने कहा, अब्दुल रऊफ अजहर सिर्फ़ एक आतंकवादी नहीं था; वह जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर का भाई था और कुछ सबसे जघन्य इस्लामी हमलों के पीछे का मास्टरमाइंड था। उसने डेनियल पर्ल की हत्या की साजिश रची थी।"ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के केंद्र पर हमला किया, जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ों को निशाना बनाया और एक स्पष्ट संदेश दिया: भारत तब तक चुप नहीं रहेगा जब तक कट्टरपंथी गैर-मुसलमानों का कत्लेआम नहीं करते। आज पूरी दुनिया आतंकवादी समूहों के खिलाफ़ भारत की कार्रवाई की सराहना कर रही है ।
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