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10 रातों से गूंज रही गोलियों की आवाज, भारत-पाक सीमा में चरम पर तनाव

कश्मीर की पहाड़ियों और घाटियों में हर रात गूंज रही गोलियों और धमाकों की आवाजें स्थानीय लोगों के ज़ेहन में पुराने ज़ख्म फिर से ताज़ा कर रही हैं।

 पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। / REUTERS/Adnan Abidi

पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तेज होता जा रहा है। लगातार दसवीं रात भी दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारी गोलाबारी हुई, जिससे सीमावर्ती इलाकों में डर और बेचैनी का माहौल है। भारतीय सेना ने बयान में कहा कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार 10 रातों से गोलीबारी चल रही है। भारत की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई।

कश्मीर की पहाड़ियों और घाटियों में हर रात गूंज रही गोलियों और धमाकों की आवाजें स्थानीय लोगों के ज़ेहन में पुराने ज़ख्म फिर से ताज़ा कर रही हैं। 50 वर्षीय मक्का किसान बशीर डार के लिए यह मंजर बेहद डरावना है। पिछली बार जब भारत-पाकिस्तान के बीच इस तरह का टकराव हुआ था, तब एक हमले में उनकी पत्नी की जान चली गई थी।

यह भी पढ़ें- US: पहलगाम आतंकी हमले की Harvard में निंदा, हिंदुओं के साथ खड़े होने की मांग

बशीर डार कहते हैं, “हर रात जब गोलियां चलती हैं, तो मेरी आंखों के सामने वही रात घूम जाती है। हम लोग शांति चाहते हैं, लेकिन यहां हर रात जंग का डर बना रहता है।”

जानकारी के अनुसार, एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। दोनों पक्षों में किसी बड़ी हानि की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को बंकरों में रातें गुज़ारनी पड़ रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई गांवों में स्कूल बंद कर दिए हैं और लोगों से गैर-ज़रूरी आवाजाही से बचने की अपील की है।

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