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फिनलैंड के राष्ट्रपति ने भारत को बताया 'प्रभावशाली देश', स्टब-जयशंकर में वार्ता

राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि भारत एक प्रभावशाली देश है, जिसकी राय सुनना बहुत महत्वपूर्ण है।

  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब/ fiel भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब/ fiel / Narendra Modi YouTube grab

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भारत को वैश्विक मंच पर एक 'प्रभावशाली देश' बताया और कहा कि नई दिल्ली की राय को सुनना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह बात हेलसिंकी में हुए 'कुलतारना टॉक्स' के मौके पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात के दौरान कही। 

मुलाकात के बाद स्टब ने X पर लिखा कि आज हमने कुलतारना में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। हमने मध्य पूर्व और फारस की खाड़ी की स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों और आने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन पर चर्चा की। भारत एक प्रभावशाली देश है, जिसकी राय सुनना बहुत महत्वपूर्ण है।

दोनों नेताओं ने बदलती वैश्विक स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और इस बात पर जोर दिया कि आज के अनिश्चित माहौल में कूटनीति बहुत जरूरी है।

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विदेश मंत्री जयशंकर ने भी इस मुलाकात की जानकारी 'एक्‍स' पर साझा करते हुए कहा कि कुलतारना वार्ता के मौके पर फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब से मिलकर खुशी हुई। हमने बदलती वैश्विक स्थिति पर विचार साझा किए और इस बात पर जोर दिया कि इस अनिश्चित दुनिया में कूटनीति कितनी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड अपनी रणनीतिक साझेदारी को डिजिटल तकनीक और सतत विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और साझा हितों के मुद्दों पर बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को मजबूत कर रहे हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर ने फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन और यूएई की विदेश राज्य मंत्री लाना नुसेबेह के साथ उभरती शक्तियां और नई भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा विषय पर चर्चा में भी हिस्सा लिया।

इस चर्चा में उन्होंने कहा कि दुनिया में चल रहे संघर्षों की वजह से असर सिर्फ उन क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर कोशिश करनी चाहिए कि इन संघर्षों के असर को कम किया जाए और बातचीत के जरिए समाधान का माहौल बने।

उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को ज्यादा मजबूत और विविध बनाना जरूरी है, ताकि दुनिया किसी एक स्रोत पर निर्भर न रहे। जयशंकर ने यह भी दोहराया कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह राष्ट्रीय हितों पर आधारित है, और देश अपनी जरूरत के हिसाब से सस्ती और उपलब्ध ऊर्जा खरीदता है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत और खाड़ी देशों के बीच संबंध बहुत अहम हैं, जिनकी नींव लोगों के आपसी रिश्तों, ऊर्जा सहयोग और बढ़ते रणनीतिक और रक्षा सहयोग पर टिकी है।

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