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निष्कासित पूर्णिमा का आप्रवासी पहचान पर जोर, सत्ता पर वार

विस्कॉन्सिन से कांग्रेस उम्मीदवार पूर्णिमा नाथ ने रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व की आलोचना करते हुए इसे बहिष्कारवादी राजनीति बताया।

रिपब्लिकन पूर्णिमा नाथ / Purnima Nath via X

कांग्रेस उम्मीदवार और मिल्वॉकी काउंटी की रिपब्लिकन पार्टी की पूर्व सचिव पूर्णिमा नाथ ने MAGA समर्थक नीतियों की आलोचना करते हुए खुद को 'अमेरिकी इतिहास का एक हिस्सा' बताते हुए ध्यान आकर्षित किया है।

नाथ को हाल ही में मिलॉवौकी काउंटी की रिपब्लिकन पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। नाथ विस्कॉन्सिन के चौथे जिले से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने 28 मार्च को रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेस जिले WI-4 की बैठक में अपनी पार्टी के सदस्यों से अपने मतभेदों को स्पष्ट किया।

यह भी पढ़ें: भारतीय-अमेरिकी पूर्णिमा नाथ ने विस्कॉन्सिन से किया कांग्रेसी उम्मीदवारी का ऐलान

नाथ ने कहा कि मैं एक गर्वित रिपब्लिकन के रूप में आपके सामने खड़ी हूं। लेकिन उस तरह नहीं जैसा MAGA गुट चाहता है। मैं उन नीतियों की आलोचना करती हूं जो मनमाने निर्णयों, घरेलू प्राथमिकताओं की उपेक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून की अवहेलना और वैश्विक मंच पर युद्धों, आक्रमणों, धमकियों और अपमान के सिलसिले के माध्यम से अमेरिका को खतरे में डालती हैं।

कट्टर रूढ़िवादियों से खुद की तुलना करते हुए उन्होंने आगे कहा कि मैं हिंदू हूं, ईसाई नहीं। मैं भूरी हूं, गोरी नहीं। न ही काली। मैं एक वैध आप्रवासी हूं, आक्रमणकारी नहीं। मुझ जैसे लोग यहां किसी की नौकरी छीनने नहीं आए हैं। हम काम करते हैं, योगदान देते हैं और हर दिन इस राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं। हम अमेरिकी इतिहास का हिस्सा हैं। फिर भी, कुछ लोग- यहां तक कि हमारी अपनी पार्टी के भीतर भी- हमें ‘भारत वापस चले जाओ’ कहते हैं।

नाथ ने कहा है कि उन्हें काउंटी पार्टी से इसलिए निकाला गया क्योंकि उन्होंने किसी भी गुट और प्रचार तंत्र के प्रति अंधभक्ति दिखाने से इनकार कर दिया था। उन्होंने 'अमेरिका फर्स्ट' के अर्थ पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि 'अमेरिका फर्स्ट’ का असल मतलब क्या है? क्या यह ताकत के बारे में है या बहिष्कार के बारे में? क्या यह नेतृत्व के बारे में है या दूसरों की कीमत पर प्रभुत्व जमाने के बारे में?



आत्मसातीकरण के विचार पर नाथ ने पूछा कि क्या मुझे अपना धर्म, अपनी विरासत, अपनी संस्कृति मिटानी होगी। सिर्फ अपनापन पाने के लिए? स्वीकार किए जाने के लिए? उन्होंने कहा किमैं यहीं रहने के लिए आई हूं। मैं इस देश की सही तरीके से सेवा करने के लिए आई हूं, भारतीय आप्रवासी राष्ट्र के ताने-बाने का अभिन्न अंग हैं।

उन्होंने पहचान-आधारित लेबलों की भी आलोचना करते हुए कहा कि मुझे या मेरे जैसे किसी को भी जातीय और पहचान-आधारित भेदभाव या श्वेत ईसाई वर्चस्व के संकीर्ण सांचों में मत डालिए। मैं इसे वही कहती हूं जो यह है: ‘जातीय और पहचान-आधारित भेदभाव- जातीय और पहचान-आधारित भेदभाव’। यह स्वतंत्रता नहीं है। यह बहिष्कार है, जिसे सद्गुण का आवरण दिया गया है।

नाथ पहले भी रिपब्लिकन उम्मीदवार के रूप में कई पदों के लिए चुनाव लड़ चुकी हैं, जिनमें अमेरिकी प्रतिनिधि सभा, विस्कॉन्सिन राज्य विधानसभा, मिल्वौकी काउंटी कार्यकारी और मिल्वौकी काउंटी पर्यवेक्षक बोर्ड शामिल हैं। उन्होंने मिलवॉकी में आयोजित 2024 रिपब्लिकन राष्ट्रीय सम्मेलन में वैकल्पिक प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया था।

उन्होंने संवैधानिक सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि उनकी निष्ठा उन चिरस्थायी सिद्धांतों के प्रति है जिन्होंने इस देश को मजबूत बनाया है: धर्म की स्वतंत्रता, बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और खुशी की तलाश करने की स्वतंत्रता।

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