राजदूत मनीष प्रभात ने डेनमार्क में मोहनजी पीस सेंटर में आयोजित 'हैप्पीनेस फेस्टिवल' में हिस्सा लिया। / X/@IndiainDenmark
डेनमार्क में मोहनजी पीस सेंटर द्वारा आयोजित 'हैप्पीनेस फेस्टिवल 2026' में भारतीय मूल के लोग, डेनमार्क के स्थानीय समुदाय और पड़ोसी देशों से आए लोग शामिल हुए। डेनमार्क में भारतीय दूतावास की X पोस्ट और सेंटर की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह फेस्टिवल दो दिन तक चला। इसमें योग, संगीत, वर्कशॉप और चर्चाओं के जरिए भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को दिखाया गया।
दूतावास के अनुसार, डेनमार्क में भारत के राजदूत मनीष प्रभात ने फेस्टिवल में हिस्सा लिया और लोगों को संबोधित किया। उन्होंने शांति, सद्भाव, अहिंसा और भलाई जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को बढ़ावा देने और भारत व डेनमार्क के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने के लिए मोहनजी पीस सेंटर की तारीफ की।
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मोहनजी पीस सेंटर के अनुसार, 4-5 जुलाई को लैंगबेक में आयोजित इस दो दिवसीय फेस्टिवल में शिरडी साईं बाबा, भगवान गणेश और भगवान दत्तात्रेय की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा भी की गई। आयोजकों ने इसे सेंटर में आयोजित पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम बताया। फेस्टिवल की शुरुआत डेनमार्क का झंडा फहराने के साथ हुई। इसके बाद ब्रह्मर्षि मोहनजी ने लोगों को संबोधित किया और उन्हें आंतरिक खुशी, स्थायी शांति और आत्म-साक्षात्कार की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सेंटर के अनुसार, खास सेशन में "मैनिफेस्टिंग एबंडेंस – द रीप्रोग्रामिंग" (समृद्धि को साकार करना – रीप्रोग्रामिंग) नाम की एक वर्कशॉप भी शामिल थी, जिसे ऑनलाइन भी दिखाया गया। फेस्टिवल में आध्यात्मिक प्रवचन, योग सेशन, सांस्कृतिक गतिविधियां और समुदाय के लोगों के आपस में जुड़ने के मौके शामिल थे, ताकि अलग-अलग बैकग्राउंड से आए लोग एक साथ आ सकें।
मोहनजी पीस सेंटर के अनुसार, राजदूत प्रभात की भागीदारी सेंटर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान और यूरोप में भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के बढ़ते प्रभाव को दिखाती है।
Happiness Festival, organised by the Mohanji Peace Centre Denmark brought together members of the Indian diaspora and the wider Danish community as well as neighbouring countries to celebrate India's rich spiritual and cultural traditions through yoga, music, discussions,… pic.twitter.com/XQ01aJ5AQh
— IndiainDenmark (@IndiainDenmark) July 7, 2026
कोपेनहेगन बिजनेस स्कूल के इंटरनेशनल बिजनेस क्लब की ओर से जारी उनकी बायोग्राफी के अनुसार, 29 साल के करियर वाले डिप्लोमैट प्रभात ने डेनमार्क, फ्रांस, इटली, अमेरिका, आर्मेनिया, उज्बेकिस्तान और रूस में विदेशी असाइनमेंट पर काम किया है।
बायोग्राफी में बताया गया है कि उन्होंने फ्रांस और उज्बेकिस्तान के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का काम किया है और अभी वे भारत-डेनमार्क ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने में लगे हैं। उन्होंने 2015 में पेरिस में COP21 समिट के दौरान इंटरनेशनल सोलर अलायंस की स्थापना बैठक आयोजित करने में भी मदद की थी, जिसमें उन्होंने इस पहल के संस्थापक देशों में से एक के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार, ब्रह्मर्षि डॉ. मोहनजी द्वारा स्थापित मोहनजी फाउंडेशन का हेडक्वार्टर स्विट्जरलैंड में है और यह 23 देशों में रजिस्टर्ड है। इसके सेंटर 90 देशों में चल रहे हैं, जिनमें नौ देशों में आश्रम भी शामिल हैं।
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