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इस्कॉन मंदिर पर हमले से समुदाय चिंतित, CoHNA ने की यह मांग

एक x पोस्ट में CoHNA ने लिखा है कि हम स्थानीय पुलिस और राज्य के अधिकारियों से इस मामले की तत्काल जांच करने का अनुरोध करते हैं।

हमले का शिकार मंदिर / Courtesy Photo

अमेरिका में इस्कॉन राधा-कृष्ण मंदिर पर हमले से हिंदू समुदाय में एक बार फिर चिंता की लकीरें हैं। उत्तरी अमेरिका के हिंदुओं के गठबंधन (CoHNA) ने इस मामले की तत्काल जांच करने का अनुरोध किया है। 

एक x पोस्ट में CoHNA ने लिखा है कि हिंदू मंदिरों पर हमले लगातार जारी हैं। ताजा निशाना यूटा के स्पैनिश फोर्क में स्थित प्रतिष्ठित इस्कॉन श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर है। हम स्थानीय पुलिस और राज्य के अधिकारियों से इस मामले की तत्काल जांच करने का अनुरोध करते हैं। कृपया ध्यान दें कि पिछले दो सालों में कैलिफोर्निया, मिनियापोलिस, न्यूयॉर्क, टेक्सास और अब यूटा में हिंदू मंदिरों पर कई हमले हुए हैं। 



भारत में चिंता
अमेरिका में हाल के महीनों में हिंदू मंदिरों पर हमला और भारत विरोधी ग्रैफिटी किए जाने की घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर भारत सरकार ने अमेरिका के समक्ष औपचारिक रूप से अपनी चिंता जाहिर की है। यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कुछ समय पहले संसद में दी।

मंत्री ने कहा कि भारत सरकार अमेरिका समेत विदेशों में बसे भारतीय समुदाय और उनकी आस्था से जुड़े स्थलों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि हर एक घटना की जानकारी मिलने पर उसे तुरंत राजनयिक माध्यमों से अमेरिकी प्रशासन के समक्ष उठाया गया है।

इन घटनाओं के बाद, जिन मंदिरों को निशाना बनाया गया, उनके प्रबंधन समितियों और स्थानीय भारतीय समुदाय संगठनों ने अमेरिका में संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों से शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इन मामलों को हेट क्राइम (घृणा अपराध) के रूप में दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, कुछ अमेरिकी सांसदों ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रहे ऐसे अपराधों को रोकने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने की मांग की है।

भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है और अमेरिकी अधिकारियों के साथ संपर्क में है, ताकि अमेरिका में बसे भारतीयों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
 

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