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अमेरिका का खुलासा, चीनी हैकर्स ने भारत समेत चार देशों के विदेश मंत्रालयों को बनाया निशाना

अमेरिका ने बुधवार को एक बड़े साइबर हमले का खुलासा किया है। चीन के 12 नागरिकों और कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने भारत, दक्षिण कोरिया, ताइवान और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालयों को हैक किया। धार्मिक संगठनों और मीडिया संस्थानों को भी निशाना बनाया गया। 

 फाइल फोटो फाइल फोटो / Reuters

अमेरिका में बुधवार को बड़े पैमाने पर कंप्यूटर हैकिंग का मामला सामने आया है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, चाइनीज नागरिकों और कंपनियों पर भारत, साउथ कोरिया, ताइवान और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालयों को निशाना बनाने का आरोप है। न्याय विभाग ने बताया, 'इन आरोपियों ने विदेशों में एक धार्मिक नेता और उनके दफ्तर और हांगकांग के एक अखबार को भी हैक किया है। ये अखबार चीन की सरकार के खिलाफ माना जाता है। 

बुधवार को जिन लोगों पर आरोप लगाए गए उनमें कुल 12 चीनी नागरिक शामिल हैं। इनमें पब्लिक सिक्योरिटी मिनिस्ट्री (MPS) के दो अधिकारी भी हैं। इसके अलावा, एक प्राइवेट चीनी कंपनी एन्क्सुन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड (आई-सून) और एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट 27 (APT27) के सदस्य भी शामिल हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि इन लोगों ने अमेरिका में एक बड़े धार्मिक संगठन को निशाना बनाया। ये संगठन पहले चीन में मिशनरी भेजता था और खुलकर चीनी सरकार की आलोचना करता था। इन्होंने चीन में मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाले एक संगठन को भी निशाना बनाया।

फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स के मुताबिक, इन्होंने अमेरिका के कई न्यूज ऑर्गेनाइजेशन को भी हैक किया। ये न्यूज ऑर्गेनाइजेशन चीन के खिलाफ और एशिया (चीन समेत) में बिना सेंसरशिप वाली खबरें पहुंचाते हैं। इन्होंने न्यू यॉर्क स्टेट असेंबली को भी हैक किया। यहां के एक प्रतिनिधि ने चीन में बैन किए गए धार्मिक संगठन के सदस्यों से बातचीत की थी। 

न्यू यॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के एक्टिंग यूएस अटॉर्नी मैथ्यू पोडोल्स्की ने कहा, 'सरकारी स्तर पर होने वाली हैकिंग हमारी कम्युनिटी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे कहा, 'कई सालों से इन दस आरोपियों (जिनमें दो चीन के अधिकारी हैं) ने धार्मिक संगठनों, पत्रकारों और सरकारी एजेंसियों को निशाना बनाकर हैकिंग की। ये सब चीन के लिए संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने के लिए किया गया।'

न्याय विभाग ने भारत, ताइवान, साउथ कोरिया और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालयों को निशाना बनाने वाले चीनी हैकर्स के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। 

इन घोषणाओं के साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थ और कानून प्रवर्तन मामलों के ब्यूरो ने ट्रांसनैशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम रिवार्ड्स प्रोग्राम (TOCRP) के तहत दो इनाम की घोषणा की है। हर इनाम की रकम 2 मिलियन डॉलर है। ये इनाम उन लोगों को दिया जाएगा जो चीन में रहने वाले दो चीनी नागरिकों, जिन केचेंग और झोउ शुआई को पकड़वाने और दोषी साबित करवाने में मदद करेंगे। ये दोनों मैलिशियस साइबर एक्टिविटी में शामिल थे।

प्राइवेट सेक्टर के पार्टनर्स भी चीन की गतल साइबर एक्टिविटी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्वैच्छिक कदम उठा रहे हैं। न्याय विभाग ने बताया, 'आज, माइक्रोसॉफ्ट ने एक रिसर्च पब्लिश किया है। इसमें सिल्क टाइफून के तरीकों और तकनीकों पर नई जानकारी दी गई है। खासतौर पर, इसमें आईटी सप्लाई चेन को निशाना बनाने के बारे में बताया गया है।'

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