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भारतीय मूल की प्रोफेसर को कैंसर रिसर्च के लिए अमेरिकी रक्षा विभाग से 11 लाख डॉलर का अनुदान

शिल्पा एस. मूर्ति अमेरिकी सेना के पूर्व जवानों में कम उम्र में होने वाले कोलन कैंसर से मौत के कारणों का अध्ययन करेंगी।

 शिल्पा एस. मूर्ति  शिल्पा एस. मूर्ति / medicine.yale.edu

भारतीय मूल की अमेरिकी मेडिकल प्रोफेसर शिल्पा एस. मूर्ति को अमेरिकी रक्षा विभाग से 11 लाख डॉलर का करियर डेवलपमेंट अवॉर्ड मिला है। यह अनुदान अमेरिकी सेना के पूर्व जवानों में कम उम्र में होने वाले कोलोरेक्टल कैंसर से जुड़ी मृत्यु दर के अध्ययन के लिए दिया गया है।

यह फंडिंग उनके शोध प्रोजेक्ट ‘From Service to Survival’ के लिए दी गई है, जिसमें यह समझने की कोशिश की जाएगी कि 50 साल से कम उम्र में कोलोरेक्टल कैंसर से पीड़ित अमेरिकी सैन्य पूर्व जवानों की जीवित रहने की दर सामान्य आबादी की तुलना में क्यों कम है।

अमेरिका में कोलोरेक्टल कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। हाल के वर्षों में 50 साल से कम उम्र के लोगों में इस कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे अर्ली-ऑनसेट कोलोरेक्टल कैंसर कहा जाता है।

शिल्पा मूर्ति का अध्ययन इस बात पर केंद्रित होगा कि क्या सैन्य तैनाती और सेवा के दौरान हुए अनुभव इस बीमारी से होने वाली मौत के खतरे को बढ़ाते हैं। शोध में सैन्य सेवा से जुड़ी एक्सपोजर, युद्ध से जुड़े मानसिक दबाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की भूमिका की जांच की जाएगी।

यह अध्ययन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें पूर्व सैनिकों की व्यक्तिगत कहानियों को भी शामिल किया जाएगा और साथ ही मशीन लर्निंग तकनीक की मदद से एक ऐसा क्लिनिकल रिस्क प्रेडिक्शन टूल तैयार किया जाएगा, जिससे यह पहचाना जा सके कि कौन से पूर्व सैनिक इस कैंसर के सबसे अधिक खतरे में हैं। इसका उद्देश्य समय रहते इलाज शुरू करना और बेहतर व व्यक्तिगत उपचार रणनीति विकसित करना है।

शिल्पा मूर्ति येल कैंसर सेंटर में शुरुआती करियर की शोधकर्ता हैं और येल यूनिवर्सिटी में सर्जरी की असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोलन और रेक्टल सर्जरी के साथ-साथ मेडिकल ऑन्कोलॉजी में भी काम करती हैं।

उनकी क्लिनिकल प्रैक्टिस कनेक्टिकट स्थित वेस्ट हैवन वेटर्न अफैयर में होती है, जहां वह पूर्व सैनिकों का इलाज करती हैं। उनका शोध खास तौर पर पूर्व सैनिकों और अन्य संवेदनशील मरीजों के लिए कैंसर देखभाल को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

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