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डल झील के एक हाउसबोट में ठहरे अमेरिकी पर्यटक की मौत

पुलिस के अनुसार, 83 वर्षीय जॉन डेविड एंडरसन को सीने में बेचैनी की शिकायत के बाद तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले में स्थित डल झील जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले में स्थित डल झील / IANS

कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध डल लेक में एक हाउसबोट पर ठहरे अमेरिका के एक पर्यटक की बुधवार को मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, 83 वर्षीय जॉन डेविड एंडरसन को सीने में बेचैनी की शिकायत के बाद तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एंडरसन अपनी पत्नी जुडिथ एनी मैकार्थी के साथ हाउसबोट में ठहरे हुए थे।

पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।

कश्मीर में हाउसबोट पर्यटन का एक प्रमुख आकर्षण है। डल झील और निगीन झील में स्थित ये हाउसबोट लकड़ी से बने आलीशान तैरते आवास होते हैं, जिनमें आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय खानपान और व्यक्तिगत सेवा की व्यवस्था होती है।

मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने के साथ ही कश्मीर में देश-विदेश से पर्यटकों की आमद में तेजी आई है। हालांकि, 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पर्यटन को बड़ा झटका लगा था, जिसमें 25 सैलानियों और एक स्थानीय टट्टू वाले समेत 26 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ था।

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का जवाब ऑपरेशन सिंदूर से दिया। इसके तहत पाकिस्तान के अंदर लाहौर के पास मुरीदके, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के बहावलपुर और मुजफ्फराबाद में आतंकी ढांचों को ध्वस्त किया गया। इसके चार दिन बाद 10 मई को ही पाकिस्तान के अनुरोध पर संघर्षविराम की घोषणा कर दी गई थी।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए कई प्रयास किए। उन्होंने पहलगाम में कैबिनेट बैठक आयोजित की और पर्यटकों में विश्वास बहाल करने के लिए साइकिल यात्रा भी की।

पर्यटन विभाग और स्थानीय लोगों के सहयोग से किए गए इन प्रयासों का सकारात्मक असर देखने को मिला है, और बड़ी संख्या में पर्यटक फिर से कश्मीर का रुख कर रहे हैं।

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