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ट्रम्प आज से लागू करेंगे पारस्परिक टैरिफ, वैश्विक व्यापार पर पड़ेगा असर

राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस दिन को "लिबरेशन डे" करार दिया है, जब अमेरिका पारस्परिक शुल्क लागू करेगा।

 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। / X@Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा बहुप्रतीक्षित "पारस्परिक टैरिफ" (Reciprocal Tariff) बुधवार (भारतीय समयानुसार गुरुवार) से लागू हो जाएगा। इस टैरिफ के तहत अमेरिका सभी देशों पर व्यापक शुल्क लगाएगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने मंगलवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "राष्ट्रपति का ऐतिहासिक निर्णय अमेरिकी उद्योगों की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा, हमारे बड़े व्यापार घाटे को कम करेगा और आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा।"

"लिबरेशन डे" करार
राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस दिन को "लिबरेशन डे" करार दिया है, जब अमेरिका पारस्परिक शुल्क लागू करेगा। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि इसमें कोई अपवाद नहीं होगा। लीविट ने बताया, "राष्ट्रपति का निर्णय स्पष्ट है। वह अपने व्यापार और टैरिफ विशेषज्ञों के साथ अंतिम तैयारी में लगे हुए हैं ताकि यह अमेरिकी जनता और श्रमिकों के लिए एकदम उपयुक्त हो।"

अमेरिकी उत्पादन को मिलेगी बढ़ावा
ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि यह नीति अमेरिका में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को बढ़ावा देगी। लीविट के अनुसार, "अगर कोई कंपनी अमेरिका में उत्पादन करती है और अमेरिकी श्रमिकों को नौकरी देती है, तो उसे कोई टैरिफ नहीं देना होगा।" उन्होंने कहा, "बीते दशकों में अनुचित व्यापार नीतियों के कारण अमेरिका को भारी नुकसान हुआ है। इससे हमारा मध्यवर्ग प्रभावित हुआ और विनिर्माण क्षेत्र कमजोर हुआ। अब राष्ट्रपति इसे सुधारने और अमेरिका को पुनः निर्माण महाशक्ति बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

यह भी पढ़ें- ट्रम्प का बड़ा दावा: भारत जल्द ही 'काफी हद तक' घटाएगा टैरिफ

प्रमुख कंपनियों का निवेश बढ़ा
लीविट के अनुसार, ट्रम्प की आर्थिक नीतियों का असर दिख रहा है और दुनिया की कई बड़ी कंपनियां अमेरिका में निवेश कर रही हैं। जापानी समूह सॉफ्टबैंक और अमेरिकी कंपनियां ओपनएआई व ओरेकल मिलकर 500 अरब डॉलर का निवेश अमेरिकी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में करेंगी। एप्पल ने 500 अरब डॉलर अमेरिकी विनिर्माण और प्रशिक्षण में लगाने की घोषणा की। एनवीडिया अगले चार वर्षों में सैकड़ों अरब डॉलर अमेरिकी निर्माण क्षेत्र में लगाएगी। ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) ने 100 अरब डॉलर अमेरिकी चिप निर्माण में निवेश करने की योजना बनाई है।

कांग्रेस में विरोध, नया बिल पेश
ट्रम्प की नई टैरिफ नीति का कांग्रेस में विरोध हो रहा है। डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेग स्टैंटन ने "कांग्रेसनल ट्रेड अथॉरिटी एक्ट" पेश किया है, जो राष्ट्रपति को व्यापार कानूनों के तहत टैरिफ बदलने से पहले कांग्रेस की मंजूरी लेने के लिए बाध्य करेगा। स्टैंटन ने कहा, "ट्रम्प की व्यापार नीतियों के कारण एरिज़ोना की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। यह टैरिफ युद्ध अब और नहीं चल सकता।"

बच्चों की जरूरी वस्तुओं पर छूट की मांग
इस बीच, डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रम्प प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की देखभाल से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं को टैरिफ से छूट दी जाए। उन्होंने कहा, "कनाडा, मैक्सिको और चीन से आयात होने वाले कार सीट, हाई चेयर, स्ट्रॉलर और पालने (क्रिब) जैसी वस्तुओं पर टैरिफ से माता-पिता पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।" अमेरिका में नवजात शिशु की पहली साल की देखभाल में लगभग $20,000 खर्च होता है, जिसमें सुरक्षा उत्पादों पर ही $1,000 तक का खर्च आता है। ऐसे में टैरिफ बढ़ने से माता-पिता को इन बुनियादी जरूरतों को खरीदना और कठिन हो जाएगा।

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