आशना तांबे / pennathletics.com/
यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया की महिला बास्केटबॉल टीम क्वेकर्स की सोफोमोर गार्ड आशना तांबे को कॉलेज स्पोर्ट्स कम्युनिकेटर्स एकेडमिक ऑल-डिस्ट्रिक्ट सम्मान मिला है। उन्हें खेल और पढ़ाई दोनों में अच्छे प्रदर्शन के लिए यह पहचान दी गई है।
कॉलेज स्पोर्ट्स कम्युनिकेटर्स यानी CSC एकेडमिक ऑल-डिस्ट्रिक्ट सम्मान उन स्टूडेंट-एथलीट्स को दिया जाता है जो खेल और पढ़ाई दोनों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। 2024 में अपने आशना तांबे क्वेकर्स बास्केटबॉल प्रोग्राम के 50 साल से ज्यादा के इतिहास में शामिल होने वाली पहली इंडियन-अमेरिकन खिलाड़ी बनी थीं।
2025-26 सीजन में तांबे ने 25 मैच खेले। इस दौरान उन्होंने औसतन 1.8 पॉइंट और 1.0 रीबाउंड प्रति मैच बनाए और उनका फील्ड गोल प्रतिशत 33.9% रहा। ला सैले के खिलाफ मैच में उनका प्रदर्शन खास रहा जहां उन्होंने अपने करियर के सबसे ज्यादा 11 पॉइंट, 3 असिस्ट और 5 रीबाउंड बनाए। कोर्ट के बाहर भी तांबे ने पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन किया। उनका GPA 3.68 रहा जिसकी वजह से उन्हें यह अकादमिक सम्मान मिला।
आपको बता दें कि तांबे टेक्सास के प्लेनो शहर की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता का नाम श्रुति शर्मा और विनय तांबे है। उनकी मां भारत में राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं। 2024-25 सीजन में तांबे ने 24 मैच खेले थे। उस समय वह पॉइंट गार्ड के तौर पर बेंच से खेलती थीं और औसतन 2.5 पॉइंट, 1.0 रीबाउंड और 0.3 असिस्ट प्रति मैच बनाए थे। उन्होंने अपने कॉलेज करियर की शुरुआत 10 नवंबर को मेन के खिलाफ मैच से की जिसमें उन्होंने 25 मिनट खेलकर 5 पॉइंट बनाए।
21 नवंबर को UC इरविन के खिलाफ उन्होंने 10 पॉइंट और 3 रीबाउंड बनाकर सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसके बाद 26 नवंबर को इमैकुलाटा के खिलाफ जीत में उन्होंने 9 पॉइंट, 3 असिस्ट और 3 रीबाउंड बनाए। 11 जनवरी को डार्टमाउथ के खिलाफ भी उन्होंने 9 पॉइंट स्कोर किए। हाई स्कूल में तांबे चार साल तक टीम की खिलाड़ी रहीं और जूनियर व सीनियर साल में टीम कैप्टन भी बनीं। उन्हें मैकडॉनल्ड्स ऑल-अमेरिका के लिए नॉमिनेट किया गया था और वह तीन बार नॉर्थ जोन और ऑल-SPC टीम में भी शामिल रहीं।
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