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हॉकी: भारत ने पुरुष अंडर-18 एशिया कप जीता, चूक गईं लड़कियां

आशीष तानी पूर्ति की हैट्रिक ने भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान केतन कुशवाहा (30वें मिनट) ने एक और गोल दागकर मेजबान जापान पर शानदार 4-1 से जीत दिलाई।

 जापान की घरेलू टीम को करारी शिकस्त  जापान की घरेलू टीम को करारी शिकस्त / @TheHockeyIndia

भारतीय लड़कों ने कमाल कर दिखाया, जबकि भारतीय लड़कियां आखिरी से एक कदम पहले चूक गईं। टूर्नामेंट के पहले मैच में मेजबान जापान से हारने के बाद, भारतीय लड़कों ने अपना संयम बरकरार रखते हुए खिताब के दावेदार जापान की घरेलू टीम को करारी शिकस्त देते हुए 4-1 से करारी शिकस्त दी।

भारत के लिए सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी आशीष तानी पूर्ति रहे, जिन्होंने दूसरे और 28वें मिनट में गोल करके हैट्रिक पूरी की। वहीं कप्तान केतन कुशवाहा (30वें मिनट) ने भी एक गोल दागा। भारत ने मेजबान टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। नुमादा गाकू (52वें मिनट) ने जापान के लिए गोल दागकर अंतर कम किया।

टीमों की उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए, हॉकी इंडिया ने स्वर्ण पदक जीतने वाली अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये (3200 अमेरिकी डॉलर) और सहायक स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। हॉकी इंडिया ने भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम की प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 1 लाख रुपये (1050 अमेरिकी डॉलर) के नकद पुरस्कार की घोषणा की, जिसने दिन में पहले कांस्य पदक जीता था, साथ ही सहायक स्टाफ के प्रत्येक सदस्य के लिए 50,000 रुपये (526 अमेरिकी डॉलर) का पुरस्कार भी दिया जाएगा।

भारत ने मैच की शुरुआत में ही अपना दबदबा कायम कर लिया और पहले 90 सेकंड के भीतर ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया। आशीष तानी पूर्ति (2') ने शानदार फिनिशिंग करते हुए भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी। जापान ने क्वार्टर में अपनी पकड़ मजबूत की और चार बार गोल करने का मौका बनाकर भारत को चुनौती दी, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति पूरे समय मजबूत बनी रही और पहला क्वार्टर 1-0 की बढ़त के साथ समाप्त हुआ।

दूसरे क्वार्टर में मेजबान टीम के लगातार दबाव के बावजूद भारत ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। जापान ने रात का अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया और खतरनाक नजर आया, लेकिन बराबरी का गोल उनके हाथ नहीं लगा।

भारत ने दृढ़ निश्चय के साथ जवाब दिया और 28वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। आशीष तानी पूर्ति ने एक बार फिर शानदार खेल दिखाते हुए जोरदार शॉट लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया। मैच में भारत का दबदबा कायम हो गया और यह लगभग तुरंत ही दिखने लगा। प्रहलाद राजभर ने खतरनाक क्षेत्र में गेंद छीनी, तेजी से आगे बढ़े और कप्तान केतन कुशवाहा (30वें मिनट) को पास दिया, जिन्होंने बड़ी सहजता से गोल दागकर भारत को हाफ टाइम तक 3-0 की बढ़त दिला दी।

तीसरे क्वार्टर में भी भारत का आक्रामक खेल जारी रहा। वरिंदर सिंह की शानदार दौड़ के परिणामस्वरूप एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और आशीष तानी पूर्ति ने 34वें मिनट में शानदार फिनिश के साथ अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।

जापान ने अंतिम क्वार्टर में जोरदार प्रयास किया और 52वें मिनट में नुमादा गाकू ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 4-1 कर दिया। हालांकि, यह गोल सिर्फ सांत्वना मात्र साबित हुआ। जापान ने मैच के अंतिम क्षणों में तीन और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन मजबूत भारतीय रक्षापंक्ति को भेद नहीं सका और भारत ने एक यादगार जीत के साथ चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया।

आशीष तानी पुती को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। यह उनके असाधारण अभियान का समापन था, जिसमें उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 13 गोल करके शीर्ष स्कोरर का खिताब जीता।

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