रोहित शर्मा और विराट कोहली / IANS
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आगामी एपेक्स काउंसिल की बैठक भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के लिहाज से काफी अहम होने वाली है। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय चयन समिति ने पुरुष सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में संभावित बदलावों को लेकर कुछ प्रस्ताव तैयार किए हैं। उन प्रस्तावों पर एपेक्स काउंसिल की बैठक में चर्चा की जाएगी।
बीसीसीआई के सूत्रों से आईएएनएस को मिली जानकारी के मुताबिक, चयन समिति प्रस्ताव अभी तक औपचारिक रूप से बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों को नहीं सौंपा गया है, लेकिन अगली एपेक्स काउंसिल मीटिंग में इन्हें एजेंडे में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है।
बीसीसीआई के सूत्रों के मुताबिक सबसे अहम चर्चा सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की ग्रेडिंग प्रणाली को लेकर हो सकती है। मौजूदा समय में खिलाड़ियों को ए+, ए, बी और सी ग्रेड में बांटा गया है, जिसमें क्रमशः 7 करोड़, 5 करोड़, 3 करोड़ और 1 करोड़ रुपये हैं। जानकारी के मुताबिक ए+ को धीरे-धीरे समाप्त करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला एपेक्स काउंसिल ही लेगी। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो इसके साथ रिटेनर राशि में भी संशोधन संभव है।
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फिलहाल रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा ए+ ग्रेड में शामिल हैं। बदलते क्रिकेट कैलेंडर और खिलाड़ियों की फॉर्मेट प्राथमिकताओं को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ सीमित प्रारूप खेलने वाले खिलाड़ी टॉप टियर में बने रहेंगे। रोहित और कोहली फिलहाल केवल वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं, जबकि जडेजा टेस्ट और वनडे तक सीमित हैं। ऐसे में अगर कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को प्रदर्शन और फॉर्मेट उपलब्धता से जोड़ा जाता है, तो इन खिलाड़ियों की ग्रेडिंग पर असर पड़ सकता है।
रोहित शर्मा और विराट कोहली सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेलते हैं। ऐसे में उनके ग्रेड को नीचे किया जा सकता है जिससे उन्हें सालाना मिलने वाली सैलरी में कमी का सामना करना पड़ेगा।
21 अप्रैल 2025 को घोषित 2024-25 सत्र की कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट के अनुसार, मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत ग्रेड ए में थे। वहीं टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी ग्रेड बी में शामिल थे। ग्रेड सी में कई युवा और उभरते खिलाड़ियों को जगह दी गई थी। अब सभी की नजरें बीसीसीआई की एपेक्स काउंसिल मीटिंग पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि भारतीय क्रिकेट का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम आने वाले वर्षों में किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
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