नितिन बजाज / Courtesy Photo
नितिन बजाज ने अपने 25 साल के करियर का बड़ा हिस्सा दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदाय के भीतर मौजूद एक खास विरोधाभास को देखते हुए बिताया है। यह समुदाय देश के डॉक्टरों, यूनिकॉर्न संस्थापकों और उच्च आय वाले करदाताओं में बड़ी हिस्सेदारी रखता है, लेकिन ये उपलब्धियां अक्सर अलग-थलग रही हैं। इतनी बड़ी सामूहिक उपलब्धियों के बावजूद वह ढांचा मौजूद नहीं है जो इस सफलता को व्यापक पीढ़ीगत पहुंच में बदल सके चाहे वह छात्र हो, शुरुआती उद्यमी हो या नया प्रवासी।
आईबीएम, एसरी और ब्लूमरीच में वैश्विक उत्पादों को बढ़ाने के दौरान मिली सीख ने इस सोच को मजबूत किया। इसी ने अमेरिकन साउथ एशियन नेटवर्क (एएसएएन) की नींव रखी। यह सोच इस साल SXSW 2026 में दिखे ग्रेट रिकैलिब्रेशन थीम से भी मेल खाती है। खास तौर पर साउथ एशियन मीटअप में, जो मनोरंजन, मीडिया, स्टार्टअप और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े लोगों का जीवंत मिलन है। चाहे आप कलाकार हों, रचनाकार हों, फिल्म निर्माता हों, स्टैंडअप कॉमेडियन हों या संस्थापक ये मंच प्रवासी समुदाय की कहानियों और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग के लिए बने हैं, जहां दक्षिण एशियाई प्रतिभा और SXSW की ऊर्जा मिलती है।
एक और ऐप बनाने के बजाय बजाज वास्तविक दुनिया में नजदीकी बनाने पर ध्यान दे रहे हैं जिसे वह प्रवासी समुदाय के विकास की गायब कड़ी मानते हैं। सिर्फ एक साल में एएसएएन ने 85 से अधिक ऑफलाइन कार्यक्रम किए हैं जिससे एक थर्ड स्पेस बना जहां प्रतिभाशाली लोग अलग-थलग नहीं रहे। बजाज का लक्ष्य साफ है समुदाय को बिखरी हुई सफलताओं से निकालकर एक संगठित वैश्विक शक्ति बनाना।
इसी पर उनसे बातचीत की गई कि प्रवासी समुदाय के आपसी संबंधों को अवसर में कैसे बदला जाए।
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