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कंवल रेखी की सलाह: जब परिवार को जरूरत हो, तब पैसे के पीछे न भागें

कंवल रेखी का कहना है कि जीवन में सबसे जोखिम भरा काम सुरक्षित खेलना है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपनी पूरी क्षमता तब तक नहीं जान सकते जब तक प्रयास न करें।

प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और दिग्गज निवेशक कंवल रेखी / image provided

प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और दिग्गज निवेशक कंवल रेखी हाल ही में अपनी नई पुस्तक 'द ग्राउंड ब्रेकर' के प्रचार के लिए भारत दौरे पर आए थे। इशानी दत्तगुप्ता के साथ एक विस्तृत बातचीत में रेखी ने उद्यमिता, IIT से जुड़ाव, कार्य-जीवन संतुलन और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के भविष्य पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। पेश हैं इस बातचीत के मुख्य अंश:

उद्यमिता की छलांग पर रेखी की राय
कंवल रेखी का कहना है कि जीवन में सबसे जोखिम भरा काम सुरक्षित खेलना है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपनी पूरी क्षमता तब तक नहीं जान सकते जब तक प्रयास न करें। "माता-पिता अक्सर सुरक्षित रहने की सलाह देते हैं, लेकिन उद्यमी वही बनता है जिसके अंदर आग हो। यदि आपको लगता है कि आप बेहतर हैं, तो आपको इसे साबित करना होगा।"

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अपने अनुभव को साझा करते हुए रेखी ने बताया कि उन्होंने वह छलांग इसलिए ली क्योंकि उन्होंने देखा कि उनके द्वारा प्रशिक्षित लोग बड़े पदों पर थे। उन्होंने सोचा कि अगर प्रयास विफल भी हुआ तो उन्हें आसानी से नौकरी मिल जाएगी, क्योंकि वे पहले ही खुद को स्थापित कर चुके थे।

IIT ब्रांड और शिक्षा पर जोर
रेखी ने IIT को एक मजबूत और स्थापित ब्रांड बताया। उन्होंने कहा कि IIT ने भारत में शिक्षा के क्षेत्र में जो निवेश किया है, वह सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों से कहीं बेहतर रहा है। "एक सामान्य भारतीय को IIT-स्तर की शिक्षा दे दो, वह विश्व विजेता बन जाता है।" उन्होंने 1000 IIT खोलने की वकालत करते हुए कहा कि शीर्ष छात्रों को ऐसी शिक्षा अधिक से अधिक मिलनी चाहिए।

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