तरिषी वर्मा / albertus.edu
भारतीय मूल की प्रोफेसर तरिषी वर्मा को अल्बर्टस मैग्नस कॉलेज में एक नई पहल का प्रमुख बनाया गया है। उन्हें कैरल जी डिटकॉफ इमर्सिव लर्निंग लैब का पहला निदेशक नियुक्त किया गया है। यह पहल 30 लाख डॉलर की सहायता से शुरू की गई है जो कैरल डिटकॉफ और उनके पति जेम्स ने दी है।
इस योजना के तहत कॉलेज में वीआर के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए ड्रीमस्केप लर्न नाम का मंच इस्तेमाल होगा। यह कॉलेज न्यू इंग्लैंड का पहला संस्थान बन गया है जहां इस तरह की आधुनिक तकनीक से पढ़ाई होगी। यह मंच ड्रीमस्केप इमर्सिव और एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के सहयोग से तैयार किया गया है।
इसमें कहानी, अनुभव और पढ़ाई को जोड़कर छात्रों को नए तरीके से सिखाया जाता है। तरिषी वर्मा इस पूरी पहल की जिम्मेदारी संभालेंगी। वह आभासी कक्षा, खुला आभासी अनुभव क्षेत्र और कॉलेज के ई-स्पोर्ट्स कार्यक्रम को भी देखेंगे। इसके अलावा वह शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगी और नए पाठ्यक्रम तैयार करने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि यह मंच छात्रों को रोमांचक और अलग तरीके से सीखने का मौका देता है।
उन्होंने बताया कि इससे छात्रों की समझ और सोचने की क्षमता मजबूत होती है। तरिषी वर्मा 2021 से इस कॉलेज में संचार विषय की प्रोफेसर हैं। इससे पहले वह बॉलिंग ग्रीन स्टेट यूनिवर्सिटी में शोध सहायक थीं। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस में काम किया। उन्होंने एचटी मीडिया में प्रशिक्षण भी लिया। साथ ही वह कमला नेहरू कॉलेज में एक फिल्म परियोजना में सहायक निर्देशक भी रह चुकी हैं।
कॉलेज की उपाध्यक्ष डॉ. रोजा रिवेरा-हैनाज ने कहा कि वर्मा इस काम के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव और पढ़ाने का तरीका इस पहल को सफल बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्मा का ध्यान कौशल और समझ पर है जो छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करेगा। तरिषी वर्मा ने बॉलिंग ग्रीन स्टेट यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है। उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की है।
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