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संजय कृष्णा ओहायो स्टेट में, इनोवेशन ईकोसिस्टम देखेंगे

यह नियुक्ति फैकल्टी इनोवेटर्स के लिए समर्थन को मजबूत करने और रिसर्च को व्यावहारिक इस्तेमाल में बदलने की प्रक्रिया को तेज करने की कोशिशों के अनुरूप है।

 संजय कृष्णा  संजय कृष्णा / Ohio State University

ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी ने भारतीय-अमेरिकी रिसर्चर और एकेडमिक संजय कृष्णा को इनोवेशन और स्ट्रैटेजिक वेंचर्स के लिए सीनियर एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। कृष्णा ओहायो स्टेट के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में जॉर्ज आर. स्मिथ प्रोफेसर ऑफ इंजीनियरिंग हैं। वे 1 जुलाई को यह पद संभालेंगे।

अपनी नई भूमिका में, कृष्णा उन पहलों की देखरेख करेंगे जिनका मकसद यूनिवर्सिटी के इनोवेशन इकोसिस्टम को बेहतर बनाना और रिसर्चर्स के लिए अपनी खोजों को बाज़ार तक लाने के मौके बढ़ाना है।

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इन्फ्रारेड डिटेक्टर टेक्नोलॉजी में अपने योगदान के लिए मशहूर कृष्णा ने एकेडमिक खोजों को डिफेंस और कमर्शियल बाजोरों तक पहुंचाने में मदद की है। इससे पहले, उन्हें ओहायो स्टेट का '2025 इनोवेटर ऑफ द ईयर' चुना गया था।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ओहायो स्टेट के प्रेसिडेंट रवि वी. बेल्लमकोंडा ने इनोवेशन और कमर्शियलाइजेशन को स्ट्रैटेजिक प्राथमिकताएं माना है, और यूनिवर्सिटी की रिसर्च का समाज पर असर बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।

कृष्णा ने एक बयान में कहा कि ओहायो स्टेट के लिए इतने अहम समय पर यह भूमिका संभालना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। यूनिवर्सिटी में इनोवेशन की शानदार नींव है, और मैं अपनी फैकल्टी, स्टाफ और पार्टनर्स के साथ मिलकर खोजों को असल दुनिया में असरदार बनाने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हूं।

रिसर्च के लिए वाइस प्रेसिडेंट जॉन एम. होराक ने कहा कि मैं ओहायो स्टेट में इनोवेशन के इस अगले अध्याय को लेकर बहुत उत्साहित हूं। संजय एक इनोवेटर और लीडर के तौर पर बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड रखते हैं, और मुझे भरोसा है कि हमारी शानदार टीम के साथ मिलकर, वह हमारी रिसर्च के असर को बढ़ाने और ओहायो स्टेट को इनोवेशन में सबसे आगे लाने में मदद करेंगे।

यूनिवर्सिटी अपनी इनोवेशन और कमर्शियलाइजेशन लाइसेंसिंग टीमों को, जो अभी अलग-अलग ऑफिस में हैं, एक ही मॉडल में लाने की योजना बना रही है। इसका मकसद बातचीत को आसान बनाना, तालमेल बेहतर करना और सेवाओं के दोहराव को कम करना है।

इस पुनर्गठन में ट्रांसलेशनल रिसर्च, स्टार्टअप बनाने और वेंचर डेवलपमेंट पर भी जोर दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी के लीडर्स ने कहा कि ये बदलाव इनोवेशन प्रोसेस के दौरान - शुरुआती खोज से लेकर कमर्शियलाइजेशन तक - फैकल्टी और रिसर्चर्स की मदद करने के लिए किए गए हैं।

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