ओम दोबारिया / Om Dobariya via LinkedIn
पेन स्टेट यूनिवर्सिटी ने 2026 का जॉन डब्ल्यू. ऑस्वाल्ड अवॉर्ड भारतीय छात्र ओम दोबारिया को दिया है। उन्हें यह सम्मान यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बेहतर और समावेशी माहौल बनाने के लिए मिला है।
ओम दोबारिया सूरत के रहने वाले हैं। वे बिजनेस एनालिटिक्स और इंफॉर्मेशन सिस्टम्स के छात्र हैं और साथ ही इंफॉर्मेशन साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में माइनर कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें टेक्नोलॉजी और समाज/बिजनेस को जोड़ने में रुचि है, ताकि दोनों के बीच की दूरी कम हो सके।
ओम यूनिवर्सिटी में रेजिडेंट असिस्टेंट के रूप में भी काम करते हैं। इस भूमिका में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को यूनिवर्सिटी जीवन में सहज होने में मदद की। यूनिवर्सिटी ने खास तौर पर उनके उस काम की सराहना की जिसमें उन्होंने अलग-अलग देशों से आए छात्रों की खाने से जुड़ी जरूरतों का ध्यान रखा।
उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि छात्रों को उनकी धार्मिक, स्वास्थ्य या व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार भोजन मिल सके। यूनिवर्सिटी ने कहा कि सही भोजन छात्रों के स्वास्थ्य, आपसी जुड़ाव और अपनापन बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी होता है।
एक नामांकनकर्ता ने कहा कि ओम सभी संस्कृतियों का सम्मान करने वाले भोजन की व्यवस्था पर काम करते हैं जिससे छात्रों के अनुभव पर बड़ा असर पड़ता है। ओम के अलावा तीन और छात्रों को भी यह अवॉर्ड दिया गया। ओलिविया फिशर को भाषण और मीडिया क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान मिला।
एमिली डैनचिक को कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सम्मानित किया गया। माइकल फाउलर को सामाजिक सेवा, धार्मिक गतिविधियों और छात्र सरकार में योगदान के लिए सम्मान मिला। ओम दोबारिया यूनिवर्सिटी के बिजनेस कॉलेज में टीचिंग असिस्टेंट भी हैं।
यह अवॉर्ड 1983 से दिया जा रहा है और यह उन छात्रों को मिलता है जिन्होंने यूनिवर्सिटी में नेतृत्व और योगदान दिखाया हो। इस अवॉर्ड के साथ एक मेडल भी दिया जाता है, जो यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष जॉन डब्ल्यू. ऑस्वाल्ड के सम्मान में होता है।
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