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आयुष चोपड़ा के नेतृत्व वाली MIT परियोजना को GitLab से मिला अनुदान

यह समूह उन संगठनों को मान्यता देता है जो आर्थिक अवसरों को बढ़ाने के लिए नवाचारी तरीकों से एआई का उपयोग कर रहे हैं।

आयुष चोपड़ा / media.mit.edu/

MIT मीडिया लैब के पीएचडी छात्र आयुष चोपड़ा के नेतृत्व वाली परियोजना ‘प्रोजेक्ट आइसबर्ग’ को GitLab फाउंडेशन के AI फॉर इकोनॉमिक अपॉर्च्युनिटी फंड से अनुदान मिला है। GitLab फाउंडेशन का AI फॉर इकोनॉमिक अपॉर्च्युनिटी फंड एक ऐसे समूह का हिस्सा है जिसे OpenAI, Ballmer Group और Annie E. Casey Foundation का समर्थन है। अनुदान हासिल करने वाले संगठनों का चयन 800 से अधिक आवेदकों में से किया गया है।

यह समूह उन संगठनों को मान्यता देता है जो आर्थिक अवसरों को बढ़ाने के लिए नवाचारी तरीकों से एआई का उपयोग कर रहे हैं। MIT मीडिया लैब के कैमरा कल्चर समूह का प्रोजेक्ट आइसबर्ग जनसंख्या स्तर की प्रणालियों को मॉडल करने और उनका सिमुलेशन करने के लिए किया जा रहा एक शोध प्रयास है।

इस प्लेटफॉर्म का उपयोग वैश्विक स्तर पर महामारी, आपूर्ति श्रृंखलाओं, उपभोक्ता व्यवहार और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रणालीगत जोखिमों का अध्ययन करने के लिए किया गया है। यह संस्थानों को संभावित व्यवधानों का अनुमान लगाने और उनके प्रभाव से पहले बड़े स्तर पर हस्तक्षेप का परीक्षण करने में मदद करता है।

यह परियोजना ‘लार्ज पॉपुलेशन मॉडल’ विकसित करती है। ये ऐसे एआई सिस्टम हैं जो यह सिमुलेट करते हैं कि बड़ी आबादी कैसे व्यवहार करती है और आपस में कैसे संपर्क करती है। इसका प्रमुख परिणाम ‘आइसबर्ग इंडेक्स’ है, जो एआई से उत्पन्न श्रम बाजार जोखिम का शुरुआती चेतावनी संकेत देता है।

पिछले वर्ष जारी किया गया यह इंडेक्स अब अमेरिका के कई राज्यों में उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से कार्यबल में आने वाले बदलावों की निगरानी की जाती है और यह समझने की कोशिश की जाती है कि एआई से जुड़े परिवर्तन स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में कैसे फैल सकते हैं।

GitLab फाउंडेशन का यह अनुदान इस प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने के लिए दिया गया है, ताकि यह समझा जा सके कि एआई भविष्य के कामकाज को कैसे बदलेगा।

इस फंडिंग के तहत इंडेक्स को सभी 50 राज्यों में ज़िप-कोड स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। इससे कार्यबल पर प्रभाव से जुड़े आंकड़ों को नियमित रूप से अपडेट किया जा सकेगा। साथ ही नए सिमुलेशन टूल विकसित किए जाएंगे, जिनसे सरकारें और संस्थान किसी नीति को लागू करने से पहले कार्यबल से जुड़े हस्तक्षेपों का परीक्षण कर सकेंगे।

चोपड़ा की शोध टीम को 2,50,000 डॉलर की फंडिंग मिलेगी। इसके साथ छह महीने तक OpenAI इंजीनियरों के साथ तकनीकी सहयोग, API क्रेडिट और एआई तथा आर्थिक अवसरों के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों और फंडिंग संगठनों के नेटवर्क तक पहुंच भी मिलेगी।

चोपड़ा का शोध मल्टी-एजेंट सिमुलेशन में बुनियादी प्रगति पर केंद्रित है। इन प्रणालियों को कई देशों में लागू किया गया है।

उन्होंने प्रमुख अकादमिक मंचों पर कई शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। उन्हें कई ‘बेस्ट पेपर’ पुरस्कार भी मिले हैं और उन्होंने 25 पेटेंट में योगदान दिया है।

MIT से पहले चोपड़ा Adobe में इंजीनियर के रूप में काम कर चुके हैं। वहां सहयोगी प्रणालियों पर उनके काम के लिए उन्हें ‘आउटस्टैंडिंग यंग इंजीनियर अवॉर्ड’ मिला था।

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