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मनु मील न्यूयॉर्क की ब्रेवर एंजेल्स संस्था के बोर्ड में शामिल

संस्था ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मील की नियुक्ति की घोषणा की है। इसमें उन्हें ब्रिजयूएसए के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बताया गया है।

मनु मील / Braver Angels

भारतीय मूल के नेता और ब्रिजयूएसए (BridgeUSA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनु मील को ब्रेवर एंजेल्स संस्था के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में नियुक्त किया गया है। यह संस्था अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण को कम करने पर काम करती है। ब्रेवर एंजेल्स न्यूयॉर्क स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है। यह संगठन कार्यशालाओं, बहस और बातचीत के जरिए अलग-अलग विचारधारा वाले लोगों को एक साथ लाता है। इसका उद्देश्य राजनीतिक मतभेदों के बीच समझ बढ़ाना है।

संस्था ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मील की नियुक्ति की घोषणा की है। इसमें उन्हें ब्रिजयूएसए के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बताया गया है। ब्रिजयूएसए छात्रों का एक तेजी से बढ़ता आंदोलन है जो राजनीतिक संवाद को बढ़ावा देता है। 27 वर्षीय मील पहले भी ब्रेवर एंजेल्स के साथ काम कर चुके हैं।



मील ने कहा कि ब्रेवर एंजेल्स और ब्रिजयूएसए अमेरिका में संवाद की नई संस्कृति बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोग एक-दूसरे से बात नहीं कर पाएंगे तो लोकतंत्र मजबूत नहीं रह सकता। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने ब्रेवर एंजेल्स को लोकतंत्र के लिए जरूरी संस्था बताया।

उन्होंने कहा कि वह अमेरिका के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे। ब्रिजयूएसए खुद को एक बहुदलीय छात्र आंदोलन बताता है। यह संगठन अलग-अलग विचारों को समझने और जिम्मेदार संवाद को बढ़ावा देता है। इसकी शुरुआत 2017 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में हुई थी।

उस समय एक कार्यक्रम के विरोध में हिंसा हुई थी और विश्वविद्यालय बंद करना पड़ा था। इसके बाद कुछ छात्रों ने बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे यह एक बड़ा आंदोलन बन गया। आज इसके 125 से ज्यादा अध्याय अमेरिका में सक्रिय हैं। 

ब्रेवर एंजेल्स की स्थापना 2016 के अमेरिकी चुनाव के बाद हुई थी। इसे डेविड ब्लैंकेनहॉर्न, बिल डोहर्टी और डेविड लैप ने शुरू किया था। इसका पुराना नाम बेटर एंजेल्स था। इसका नाम अब्राहम लिंकन के एक भाषण से प्रेरित है।

संस्था का कहना है कि वह छोटे समूहों में बातचीत के जरिए लोगों को एक-दूसरे को समझने का मौका देती है। इसका उद्देश्य अलग-अलग विचार रखने वाले लोगों के बीच सहानुभूति और समझ बढ़ाना है।

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