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मनीषा अंजलि की कविता संग्रह 'नाग माउंटेन' विक्टोरियन प्रीमियर अवॉर्ड्स के लिए शॉर्टलिस्ट

भारतीय मूल की कवियित्री मनीषा अंजलि की कविता संग्रह 'नाग माउंटेन' को विक्टोरियन प्रीमियर के प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कारों में शॉर्टलिस्ट किया गया है। इस किताब में इंडो-फिजीयन अनुभवों की एक अद्भुत और भावुक कहानी है, जो इतिहास और मिथक से बुनी गई है।

भारतीय मूल की कवियित्री, लेखिका और आर्टिस्ट मनीषा अंजलि। / LinkedIn/Manisha Anjali

भारतीय मूल की कवियित्री, लेखिका और आर्टिस्ट मनीषा अंजलि को उनकी पहली कविता संग्रह 'नाग माउंटेन' के लिए विक्टोरियन प्रीमियर के लिटरेरी अवॉर्ड्स में प्राइज फॉर पोएट्री कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट किया गया है। ये किताब अप्रैल 2024 में गिरमोंडो ने पब्लिश की थी। इसमें इतिहास और मिथकों के माध्यम से इंडो-फिजीयन लोगों के जीवन का अनुभव दिखाया गया है। ये किताब उन लोगों की सांस्कृतिक विरासत को दिखाती है जिन्हें अपना घर छोड़कर दूसरे देश जाना पड़ा था। 

ऑस्ट्रेलिया में रहने वालीं मनीषा अंजलि इंडो-फिजीयन मूल की हैं। वह अपनी कविताओं में अपने पूर्वजों से प्रेरणा लेती हैं। इन पूर्वजों को गुलामी में काम करने के लिए भारत से फिजी के चीनी बागानों में लाया गया था। उनकी कविताएं ऐतिहासिक कहानियों, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक प्रतीकों को मिलाकर पहचान, विस्थापन और सामूहिक स्मृतियों पर बात करती हैं। 'नाग माउंटेन' एक ऐसे समुदाय की कहानी कहती है जिसे अपने पूर्वजों और आत्माओं से संदेश मिलते हैं। पुरानी फिल्म रीलों के जरिए भूले-बिसरे ऐतिहासिक शख्स फिर से जीवित हो जाते हैं और अपनी आवाज पा लेते हैं।

किताब के केंद्र में है एक हजार मुंह वाला सांप 'नाग'।  यह पेड़ों, कोहरे और सपनों से भरा एक तैरता हुआ पहाड़ बनाता है। कविता के अलावा अंजलि एक रिसर्चर, एजुकेटर और आर्टिस्ट भी हैं। उन्होंने नेप्च्यून नाम का एक प्लेटफॉर्म बनाया है जहां सपने, दर्शन और भ्रमों को दर्ज किया जाता है। वो व्हेल्क का भी हिस्सा हैं, ये म्यूजिक कोलैबोरेशन है। इसमें साउंड और स्टोरीटेलिंग को एक साथ खोजा जाता है।

अंजलि को अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए कई ग्रांट्स और फेलोशिप मिल चुके हैं। उन्हें नीलमा सिडनी ट्रैवल ग्रांट मिला जिससे वो रिसर्च के लिए फिजी जा सकीं। उन्हें मूरमोंग में BLINDSIDE’s Regional Arts & Research Residency, इन्सेंडियम रेडिकल लाइब्रेरी और द व्हीलर सेंटर में रेसिडेंसी भी मिली हैं। उनकी रचनाएं 'बेस्ट ऑफ ऑस्ट्रेलियन पोएम्स 2021', 'मीनजिन', 'लिमिनल मैगजीन', 'पोर्टसाइड रिव्यू' और 'कॉर्डाइट पोएट्री रिव्यू' जैसे सम्मानित साहित्यिक पत्रिकाओं में छप चुकी हैं। उन्होंने 'रनवे जर्नल इश्यू 41: लव' को गेस्ट-एडिट किया है। 'द लिफ्टेड ब्राउ' में पोएट्री एडिटर भी रहीं हैं।

अंजलि एक बेहद जज्बाती एजुकेटर भी हैं। उन्होंने मेलबर्न यूनिवर्सिटी, आरएमआईटी, मेलबर्न पॉलिटेक्निक और दूसरे आर्ट्स ऑर्गेनाइजेशन्स में क्रिएटिव राइटिंग, लिटरेचर और परफॉर्मेंस वर्कशॉप्स चलाए हैं। वो प्रहरन कम्युनिटी लर्निंग सेंटर में लिटरेसी और न्यूमेरेसी भी पढ़ाती हैं। इससे उनकी एजुकेशन और कम्युनिटी वर्क के प्रति समर्पण साफ झलकता है।

विक्टोरियन प्रीमियर के लिटरेरी अवॉर्ड्स कई कैटेगरीज में बेहतरीन लेखन के लिए दिए जाते हैं। इनमें फिक्शन, नॉन-फिक्शन, ड्रामा, पोएट्री और इंडिजिनस राइटिंग शामिल हैं। हर कैटेगरी के विजेता को 25,000 ऑस्ट्रेलियन डॉलर मिलते हैं। ओवरऑल विक्टोरियन प्राइज फॉर लिटरेचर विजेता को अतिरिक्त 100,000 ऑस्ट्रेलियन डॉलर मिलते हैं। विजेताओं का ऐलान 19 मार्च को मेलबर्न में एक खास समारोह में किया जाएगा। इसे द व्हीलर सेंटर के जरिए लाइव-स्ट्रीम भी किया जाएगा।

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