सुभाषिश मित्रा (बांए) and तथागत श्रीमणि (दाएं) / Stanford University and Carnegie Mellon University
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि सामने आई है। भारतीय मूल के प्रोफेसर सुभाषिश मित्रा और तथागत श्रीमणि ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम के साथ मिलकर दुनिया का पहला मोनोलिथिक 3D चिप विकसित किया है, जो एआई सिस्टम की गति और क्षमता को कई गुना बढ़ा सकता है। यह पहली बार है जब किसी 3D चिप ने स्पष्ट परफॉर्मेंस गेन दिखाया है और उसका निर्माण एक व्यावसायिक सेमीकंडक्टर फाउंड्री में किया गया है।
इस प्रोजेक्ट में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के इंजीनियरों ने मिलकर काम किया। टीम ने अमेरिका की सबसे बड़ी शुद्ध रूप से घरेलू सेमीकंडक्टर फाउंड्री स्काइवॉटर टेक्नोलॉजी के साथ साझेदारी कर इस मल्टी-लेयर कंप्यूटर चिप को विकसित किया।
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प्रोफेसर सुभाषिश मित्रा स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विलियम ई. आयर प्रोफेसर और कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर हैं। उन्होंने इस चिप पर आधारित रिसर्च पेपर को 71वीं IEEE इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉन डिवाइसेज़ मीटिंग (IEDM) में प्रस्तुत किया। मित्रा ने इसे भविष्य की एआई हार्डवेयर क्रांति की दिशा में बड़ा कदम बताया।
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