कृतिका लिंगप्पन / University of Colorado Anschutz
भारतीय मूल की डॉक्टर और शोधकर्ता कृतिका लिंगप्पन को यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो एन्शुट्ज में बाल रोग विभाग के तहत नवजात चिकित्सा सेक्शन प्रमुख नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 1 सितंबर से प्रभावी होगी। लिंगप्पन फिलाडेल्फिया के चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल और पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के पेरलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन से जुड़ी रही हैं। वहां उन्हें हाल ही में स्थायी प्रोफेसर बनाया गया था।
वह नवजात शिशुओं में फेफड़ों की बीमारी पर अपने शोध के लिए जानी जाती हैं। उन्हें लगातार राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान से फंडिंग मिलती रही है। उनके नाम 80 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं। साथ ही उन्हें कई प्रमुख संस्थाओं से सम्मान भी मिला है। 2022 में उन्हें अमेरिकन पीडियाट्रिक सोसाइटी का सदस्य चुना गया था।
लिंगप्पन ने राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने चिकित्सा दिशानिर्देश तैयार करने और शोध कार्य में योगदान दिया है। वह वर्तमान में अमेरिकन बोर्ड ऑफ पीडियाट्रिक्स में एक प्रमुख पद पर हैं। अपने करियर में उन्होंने कई छात्रों और शोधकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया है। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शोध पहल का नेतृत्व भी किया है।
लिंगप्पन ने 2002 में भारत के किलपॉक मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने शिकागो विश्वविद्यालय से बाल रोग में प्रशिक्षण लिया और टेक्सास चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। 2012 में वह बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन से जुड़ीं और बाद में उन्होंने पीएचडी पूरी की और प्रोफेसर बनीं।
2021 में वह पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय चली गईं। उनका काम चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने से भी जुड़ा रहा है। उन्होंने जटिल मामलों के लिए विशेष कार्यक्रम विकसित किए हैं। उन्होंने अस्पतालों के बीच समन्वय बढ़ाने में भी योगदान दिया है। विभाग ने पूर्व प्रमुख रैंडी विल्केनिंग के कार्यकाल को भी सराहा। उन्होंने 33 वर्षों तक इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
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