जॉर्ज वर्गीज़ और उनकी पत्नी, ऐन। / Stonybrook.edu
भारतीय मूल के प्रोफेसर जॉर्ज वर्गीस ने अपने पुराने विश्वविद्यालय स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी में एक नया टीचिंग अवॉर्ड शुरू किया है। इस अवॉर्ड का नाम प्रोफेसर 'ची-सोंग चेन शिक्षा में उत्कृष्टता पुरस्कार' रखा गया है। यह अवॉर्ड उनके गुरु ची-सोंग चेन की याद में शुरू किया गया है।
वर्गीस ने कहा कि उनके शिक्षक का उनके करियर पर बहुत बड़ा असर रहा है। यह अवॉर्ड हर साल इंजीनियरिंग और एप्लाइड साइंस कॉलेज के अधिकतम दो शिक्षकों को दिया जाएगा। इसका मकसद ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करना है जो पढ़ाने में बेहतरीन हों और शिक्षा में नए तरीके अपनाते हों। यूनिवर्सिटी के अनुसार चयन सिर्फ अच्छे पढ़ाने पर नहीं बल्कि नए आइडिया और रचनात्मक पढ़ाई के तरीकों पर भी होगा।
वर्गीस फिलहाल मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इलेक्ट्रिकल और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं। उन्होंने 1975 में स्टोनी ब्रूक से मास्टर्स की डिग्री हासिल की थी। वह अक्सर कहते हैं कि प्रोफेसर चेन ने उन्हें सिस्टम थ्योरी में रुचि दिलाई।
उन्होंने कहा कि उनका नाम इस अवॉर्ड से जोड़ना जरूरी था। वह अपने समय के बहुत बड़े शिक्षक थे लेकिन उन्हें उतनी पहचान नहीं मिली। इस अवॉर्ड की फंडिंग को तीन गुना बढ़ाया गया है। इसमें न्यूयॉर्क स्टेट और साइमन्स इनफिनिटी इन्वेस्टमेंट जैसे प्रोग्राम्स का भी योगदान है। वर्गीस का करियर 40 साल से ज्यादा लंबा रहा है। उन्होंने पावर सिस्टम और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया है।
उन्होंने 1991 में एक मशहूर किताब प्रिसिंपल्स ऑफ पॉवर इलेक्ट्रानिक्स लिखी थी। इसका दूसरा संस्करण 2023 में आया था। वह IIT मद्रास के पूर्व छात्र हैं और IEEE फेलो भी हैं। उन्हें IIT मद्रास डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवॉर्ड और MIT का मेंटरशिप अवॉर्ड जैसे कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login