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छात्र वीजा की कड़ी जांच के बीच शांति की अपील, धैर्य का आग्रह

उन्होंने नामांकन दबाव को व्यापक कारकों से जोड़ा: एक 'जनसांख्यिकीय संकट', सीधे कॉलेज जाने की घटती दर तथा संघीय अनुसंधान कार्यक्रमों से जुड़ी वित्त पोषण अनिश्चितता।

 ह्यूस्टन विश्वविद्यालय की अध्यक्ष रेणु खटोर। ह्यूस्टन विश्वविद्यालय की अध्यक्ष रेणु खटोर। / University of Houston

ह्यूस्टन विश्वविद्यालय (UH) की प्रेसिडेंट रेणु खटोर ने 8 अक्टूबर को अपने 'विश्वविद्यालय की स्थिति' संबोधन में कहा कि जनता के विश्वास में मामूली वृद्धि और सख्त वीजा जांच उच्च शिक्षा को नया रूप दे रही है। उन्होंने संकाय और कर्मचारियों से कहा कि विश्वविद्यालयों में गिरते विश्वास और अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर बढ़ती निगरानी की सुर्खियों से निराश न हों।

उन्होंने कहा कि यह जानकारी जितनी निराशाजनक है, उतनी ही आंशिक रूप से संस्थानों में व्याप्त अविश्वास को भी दर्शाती है। गैलप के पिछले साल के सर्वेक्षण से पता चलता है कि उच्च शिक्षा अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। लेकिन इस साल एक सकारात्मक संकेत भी है। जून 2025 के सर्वेक्षण में पिछले साल की गिरावट के विपरीत, उच्च शिक्षा ही एकमात्र अमेरिकी संस्थान था जिसने विश्वास हासिल किया।

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