ड्यूक विश्वविद्यालय 8 अप्रैल को डेविड एम. रुबेनस्टीन विशिष्ट व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत भारतीय मूल की अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर एक महत्वपूर्ण चर्चा का आयोजन करेगा। विश्वविद्यालय के अनुसार, गोपीनाथ बढ़ते टैरिफ, बदलती व्यापार नीतियों और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में व्याप्त अनिश्चितता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगी।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की पूर्व प्रथम उप प्रबंध निदेशक गोपीनाथ, कार्लाइल समूह के सह-संस्थापक और सह-अध्यक्ष तथा ड्यूक विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डेविड रुबेनस्टीन के साथ संवाद करेंगी।
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सैनफोर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी, जो 'दुनिया (अर्थव्यवस्था) में क्या हो रहा है? वैश्विक वित्तीय व्यवस्था पर वर्तमान अंतर्दृष्टि' शीर्षक से इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है, के अनुसार, यह अनौपचारिक चर्चा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नीति में तेजी से हो रहे बदलावों और बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के इर्द-गिर्द व्याप्त अनिश्चितता के बीच '2026 के निर्णायक विषयों' पर केंद्रित होगी।
इस कार्यक्रम में सतत वैश्विक विकास की दिशा तय करने वाले नीतिगत विकल्पों और उथल-पुथल भरे दौर में वैश्विक अर्थव्यवस्था को संभालने की व्यापक चुनौती का भी विश्लेषण किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि सत्र में गोपीनाथ के आईएमएफ में अनुभव और वैश्विक नीति निर्माण में उनकी भूमिका, जिसमें आर्थिक संकटों का प्रबंधन भी शामिल है, पर प्रकाश डाला जाएगा। चर्चा में शिक्षा जगत से लेकर अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व तक के उनके करियर पथ और अर्थशास्त्र एवं सार्वजनिक सेवा में महिलाओं के भविष्य पर उनके विचारों पर भी बात होगी।
कार्यक्रम के विवरण में कहा गया है कि रुबेनस्टीन द्वारा निर्देशित यह वार्ता 'तीव्र विश्लेषण' और 'अनिश्चित समय में स्पष्टता के साथ नेतृत्व करने का दुर्लभ अंतर्दृष्टि' प्रदान करेगी।
यह व्याख्यान ड्यूक विश्वविद्यालय में उच्च-स्तरीय नीति निर्माताओं और विचारकों को आमंत्रित करने वाली वार्षिक श्रृंखला का हिस्सा है। इसका आयोजन ड्यूक के अर्थशास्त्र विभाग के सहयोग से सैनफोर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी द्वारा किया जाता है।
यह कार्यक्रम ड्यूक के वेस्ट कैंपस स्थित पेज ऑडिटोरियम में सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा। यह कार्यक्रम निःशुल्क है और जनता के लिए खुला है, जिसमें प्रति व्यक्ति अधिकतम दो टिकट ही खरीदे जा सकते हैं और बैठने की व्यवस्था सामान्य वर्ग के लिए होगी।
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