सांकेतिक तस्वीर / Unsplash
ब्रिटेन के एक हिंदू सामुदायिक संगठन इंसाइट यूके ने स्कूलों में धार्मिक शिक्षा के तहत हिंदू धर्म पढ़ने के इच्छुक छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए एक सलाह जारी की है।
यह सलाह ऐसे समय में आई है जब कुछ हिंदू छात्रों और अभिभावकों ने चिंता जताई है कि कई स्कूल GCSE स्तर पर धार्मिक शिक्षा के लिए केवल ईसाई धर्म और इस्लाम को विकल्प के रूप में उपलब्ध कराते हैं। इससे हिंदू धर्म का अध्ययन करने के इच्छुक छात्रों के लिए अवसर सीमित हो जाते हैं।
सलाह में कहा गया है कि ब्रिटेन के कानून के तहत अभिभावकों को अपने बच्चों को धार्मिक शिक्षा की कक्षाओं के किसी हिस्से या पूरी तरह से बाहर रखने का अधिकार प्राप्त है। संगठन ने कहा कि जो परिवार चाहते हैं कि उनके बच्चे हिंदू धर्म का अध्ययन करें, उन्हें इस अधिकार की जानकारी होनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
इंसाइट यूके ने यह भी कहा कि छात्र विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से हिंदू धर्म की पढ़ाई कर सकते हैं, जो अध्ययन सामग्री, प्रशिक्षण और GCSE परीक्षा से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराती हैं। संगठन ने स्कूलों से भी अपील की कि यदि उन्हें हिंदू धर्म की शिक्षा देने में सहायता की आवश्यकता हो तो वे हिंदू एजुकेशन बोर्ड (यूके) से संपर्क कर सकते हैं। यह संस्था शिक्षकों के लिए संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करती है।
सलाह में कहा गया है कि जो स्कूल धार्मिक शिक्षा में हिंदू धर्म को शामिल करना चाहते हैं, वे विशेष हिंदू शैक्षणिक संस्थाओं से सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। इंसाइट यूके ने कई संस्थाओं का उल्लेख किया है जो ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण, शैक्षणिक सामग्री और GCSE हिंदू धर्म पाठ्यक्रम के लिए सहायता प्रदान करती हैं। इन संस्थाओं में हिंदू एजुकेशन बोर्ड (यूके), VOIC, चिन्मय मिशन, योग फाउंडेशन, पांडव विद्या शाला और कॉलेज ऑफ वैदिक स्टडीज बर्मिंघम शामिल हैं।
सलाह के अनुसार ये संस्थाएं छात्रों और स्कूलों दोनों को अध्ययन सामग्री, पाठ्यक्रम सहायता और हिंदू धर्म से संबंधित संरचित पाठ्यक्रम उपलब्ध करा सकती हैं। संगठन ने विशेष रूप से अभिभावकों को सलाह दी है कि यदि कोई स्कूल हिंदू धर्म को धार्मिक शिक्षा के हिस्से के रूप में पढ़ाने में सक्षम नहीं है या इच्छुक नहीं है, तो वे इन पूरक शैक्षणिक संस्थाओं की मदद ले सकते हैं।
यह मुद्दा ब्रिटेन में धार्मिक शिक्षा के पाठ्यक्रमों में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधित्व को लेकर चल रही व्यापक बहस के बीच सामने आया है। हालांकि धार्मिक शिक्षा ब्रिटेन के स्कूलों में एक अनिवार्य विषय है, लेकिन इसके पाठ्यक्रम की सामग्री स्थानीय सिलेबस और स्कूलों की नीतियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
ब्रिटेन सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अभिभावकों को अपने बच्चों को धार्मिक शिक्षा की पूरी या आंशिक कक्षाओं से बाहर रखने का अधिकार प्राप्त है। इंसाइट यूके की सलाह में विभिन्न शैक्षणिक संसाधनों और सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी गई है, ताकि हिंदू छात्र अपनी औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ धर्म आधारित अध्ययन के अवसरों का लाभ उठा सकें।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login