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तुलसी गैबार्ड ने आखिर क्यों दिया ‘प्रार्थना और आस्था’ पर खास संदेश?

गैबार्ड ने यह भी कहा कि 250 साल पहले अमेरिका के नेताओं ने विनम्रता से माना था कि वे केवल अपनी शक्ति या बुद्धि पर निर्भर नहीं रह सकते। उन्होंने उपवास रखा, प्रार्थना की, और ईश्वर से सुरक्षा, मार्गदर्शन और दया मांगी।

 तुलसी गैबार्ड  तुलसी गैबार्ड / REUTERS/Kylie Cooper

अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गैबार्ड ने 17 मई को Rededicate 250 नाम के एक कार्यक्रम के दौरान विनम्रता, उपवास और प्रार्थना का संदेश दिया। उन्होंने इस दिन को पूरे देश के लिए उपवास, नम्रता और ईश्वर से प्रार्थना का दिन बताया।

हिंदू धर्म का पालन करने वालीं तुलसी गैबार्ड ने लोगों से सर्वोच्च भगवान की उपासना करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि हमारी सफलता ही नहीं, बल्कि हमारा अस्तित्व भी पूरी तरह ईश्वर पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि अक्सर इस दुनिया के नेताओं की आंखें उनके अहंकार से ढक जाती हैं, जो शक्ति, प्रसिद्धि या पद से पैदा होता है। हम यह भूल जाते हैं कि हम बहुत छोटे हैं और इस धरती पर हमारा समय बहुत कम है।

बता दें कि 1776 में कॉन्टिनेंटल कांग्रेस द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों की इस वर्ष 250वीं वर्षगांठ है। उसी साल 4 जुलाई को सेकंड कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने स्वतंत्रता की घोषणा को अपनाया था जिससे अमेरिकी उपनिवेशों ने औपचारिक रूप से ब्रिटेन से अलग होने का ऐलान किया था। 

यह कार्यक्रम 1776 में कॉन्टिनेंटल कांग्रेस द्वारा विनम्रता, उपवास और प्रार्थना की अपील की 250वीं वर्षगांठ को याद करने के लिए रखा गया था। Rededicate 250 नाम का एक बड़ा राष्ट्रीय प्रार्थना, स्तुति और धन्यवाद दिवस कार्यक्रम था जो 17 मई 2026 को वॉशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल में आयोजित किया गया था।

इसमें धार्मिक नेता और ट्रंप प्रशासन के अधिकारी के रूप में तुलसी गैबार्ड भी शामिल थीं और हजारों अमेरिकी नागरिक शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अमेरिका को One Nation Under God यानी ईश्वर के अधीन एक राष्ट्र के रूप में फिर से समर्पित करना था। यह अमेरिका250 समारोह अमेरिकी क्रांति के दौर में कांग्रेस के नेतृत्व और देश की स्थापना के मूल सिद्धांत स्वतंत्रता और स्वशासन को सम्मान देने के लिए मनाया जा रहा है।

गैबार्ड ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने ईश्वर से दया मांगी। उन्होंने मार्गदर्शन मांगा क्योंकि वे जानते थे कि उनके सामने जो उद्देश्य था, वह उनकी अपनी ताकत से कहीं बड़ा था। आज के समय में इस दिन के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि अब आज ठीक 250 साल बाद हम नेशनल मॉल में उसी उद्देश्य से इकट्ठा हुए हैं ताकि हम धन्यवाद दे सकें, क्षमा मांग सकें और फिर से विनम्रता के साथ ईश्वर की दया और मार्गदर्शन मांग सकें ताकि हम इस गणराज्य के अगले 250 वर्षों में सही दिशा में ले जा सकें।

गैबार्ड ने यह भी कहा कि 250 साल पहले अमेरिका के नेताओं ने विनम्रता से माना था कि वे केवल अपनी शक्ति या बुद्धि पर निर्भर नहीं रह सकते। उन्होंने उपवास रखा, प्रार्थना की, और ईश्वर से सुरक्षा, मार्गदर्शन और दया मांगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज भी लोगों को शांति, स्वतंत्रता और आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि के लिए पूरी तरह ईश्वर पर निर्भर रहना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि आज हम सभी अपने-अपने घरों और दिलों की शांति में ईश्वर के प्रेम का सहारा लें और उन्हें याद करें। 

आपको बताएं कि तुलसी गैबार्ड एक अमेरिकी राजनेता, हवाई से पूर्व अमेरिकी सांसद (2013–2025) और इराक युद्ध की पूर्व सैनिक हैं। वह 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार रहने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुई थीं। वह अपनी स्वतंत्र सोच और विदेश नीति में युद्ध-विरोधी रुख के लिए जानी जाती हैं। 2024–2025 में उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया और बाद में उनके प्रशासन में शामिल होकर नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर का पद संभाला।
 

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