प्रियंका देव / X/ Priyankka Deo
इलिनॉय की भारतीय-अमेरिकी सार्वजनिक अधिकारी प्रियंका देव ने कहा है कि अमेरिका में काम कर रहे लोगों को बहुत स्मार्ट लगने की कोशिश करना भारी पड़ सकता है। बल्कि यह उनका यह बर्ताव कमजोरी के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने प्रवासी पेशेवरों को अधिक सीधे तरीके से संवाद करने की सलाह दी है।
इलिनॉय डिपार्टमेंट ऑफ सेंट्रल मैनेजमेंट सर्विसेज के ऑपरेशनल एक्सीलेंस कार्यालय में कार्यरत देव ने कहा कि पहली पीढ़ी के कई पेशेवर अपनी क्षमता दिखाने के लिए बहुत बढ़ा-चढ़ाकर और विश्लेषणात्मक तरीके से बात करते हैं। एक वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि कई संस्कृतियों में विस्तार से विश्लेषणात्मक और पूरी तरह समझाना बुद्धिमत्ता का संकेत माना जाता है। लेकिन अमेरिका में इसे अक्सर आत्मविश्वास की कमी के रूप में देखा जाता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में स्मार्ट लगना आपको कमजोर दिखा सकता है। जब आप ज्यादा समझाते हैं तो आपको असमंजस में माना जाता है। देव के अनुसार अमेरिका में संवाद का तरीका अलग है। यहां स्पष्टता और निर्णायकता को ज्यादा महत्व दिया जाता है। अमेरिका में आत्मविश्वास स्पष्टता से दिखता है।
उन्होंने बताया कि नेता पहले निष्कर्ष बताते हैं और जरूरत होने पर ही विवरण देते हैं। उन्होंने पहली पीढ़ी के पेशेवरों को सलाह दी कि वे सीधे सुझाव देना शुरू करें। उन्होंने कहा कि मैं सुझाव देती हूं कि हम यह करें और इसका कारण यह है।
उन्होंने कहा कि यही बदलाव किसी व्यक्ति को सामान्य कर्मचारी से नेता बनाता है। अपने पिछले बयानों में भी देव ने यही बात कही है कि अमेरिका में स्पष्ट और सीधे सुझाव देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वहां काम का तरीका तेज और परिणाम पर आधारित होता है।
आपको बता दें कि देव ने पत्रकार के रूप में भी काम किया है। उन्होंने अमेरिका में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम किया है। उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों और नीतियों पर भी विश्लेषण किया है।
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