सांकेतिक तस्वीर / Pexels
कनाडा के वेस्ट वैंकूवर निवासी 40 वर्षीय गरिंदर सिंह देओ को 7 जुलाई को फ्रांस में गिरफ्तार किया गया। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के संघीय पुलिस प्रशांत क्षेत्र और अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया) के अनुसार उन्हें अब संघीय आरोपों का सामना करने के लिए अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ चल रही बहुराष्ट्रीय जांच का हिस्सा है।
अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गरिंदर सिंह देओ डॉक्टर, रॉकेट और रिट्ज कार्लटन नामों का भी इस्तेमाल करता था। देओ पर आरोप है कि उसने बड़ी मात्रा में कोकीन और हेरोइन खरीदी थी, जिसे दक्षिणी कैलिफोर्निया से अमेरिका के पूर्वी हिस्से में भेजा जाना था। आरोप है कि इस काम में उसे आरोपपत्र में भगवानपुरिया समूह के रूप में चिन्हित आपराधिक संगठन के सदस्यों और सहयोगियों की मदद मिली।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जून 2025 में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक खेप को जब्त किया था, जिसमें लगभग 99.2 किलोग्राम कोकीन और 1 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। देओ पर संगठित आपराधिक साजिश, जबरन वसूली के प्रयास, नियंत्रित मादक पदार्थों की तस्करी की साजिश के दो आरोप, कोकीन वितरण, बिना लाइसेंस हथियारों के कारोबार की साजिश तथा मशीनगन रखने सहित कई संघीय आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि देओ पर भगवानपुरिया समूह का सदस्य या सहयोगी होने का आरोप नहीं लगाया गया है। ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत जारी बयान में न्याय विभाग ने बताया कि तीन सार्वजनिक आरोपपत्रों में कुल 37 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस बहुवर्षीय समन्वित जांच के तहत अमेरिका, कनाडा, स्पेन और फ्रांस में गिरफ्तारियां की गईं। इस अभियान में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई), लॉस एंजिलिस पुलिस विभाग, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस और अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग सहित कई एजेंसियों ने मिलकर कार्रवाई की।
इधर ब्रिटिश कोलंबिया के सिविल फॉरफीचर निदेशक ने प्रांत के सर्वोच्च न्यायालय में एक दावा दायर किया है, जिसमें वेस्ट वैंकूवर और सरे में देओ और उसके परिवार से जुड़ी तीन संपत्तियों को जब्त करने की मांग की गई है। दावा किया गया है कि ये संपत्तियां अवैध गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। इस मामले में देओ की पत्नी अलेक्सांद्रा पोनोमारेवा, उसकी बहन हरिंदर देओ और बहनोई लखबीर गिल को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
आरसीएमपी ने बताया कि संघीय जांच ब्यूरो के साथ संयुक्त जांच लगभग दो वर्षों तक चली। इस दौरान ब्रिटिश कोलंबिया में कई गिरफ्तारियां की गईं और मेट्रो वैंकूवर के विभिन्न स्थानों पर तलाशी वारंट भी निष्पादित किए गए।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, ऑपरेशन हार्ड बॉल का उद्देश्य कथित भारतीय संगठित अपराध गिरोहों पर कार्रवाई करना था, जिन पर संगठित अपराध, जबरन वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन आपराधिक गतिविधियों का असर कई देशों के समुदायों पर पड़ा है।
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