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भारतीय छात्र ने दिखाई राह, यूनिवर्सिटी छात्रों ने वीडियो गेम बनाकर दान कर दी पूरी कमाई

भारतीय मूल के छात्र आमिर अली उत्तरी इंग्लैंड की शेफील्ड यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। आमिर ने अपने एक और दोस्त के साथ मिलकर करीब एक साल पहले प्रोजेक्ट पिक्सेल शुरू किया था।

 आमिर अली शेफील्ड यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट हैं।  आमिर अली शेफील्ड यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट हैं। / Image - LinkedIn

भारतीय छात्र ने इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते-करते एक वीडियो गेम बनाया। देखते ही देखते गेम को खूब तारीफ मिलने लगी। फिर क्या था, यूनिवर्सिटी के बाकी स्टूडेंट्स ने भी गेम डेवलपमेंट में हाथ आजमाना शुरू कर दिया। अब भारतीय छात्र ने फैसला किया है कि इस गेम से हुई पूरी की पूरी कमाई को वह लोगों की भलाई के लिए दान कर देंगे। 

इस छात्र का नाम आमिर मोहम्मद ताहिर अली है और वह उत्तरी इंग्लैंड की शेफील्ड यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। आमिर ने अपने एक और दोस्त के साथ मिलकर करीब एक साल पहले प्रोजेक्ट पिक्सेल शुरू किया था। इसका मकसद मोबाइल डिवाइसेज के लिए 2डी गेम डेवलप करना और उन्हें एप्पल के ऐप स्टोर और गूगल प्ले पर डालना था। 

आमिर अली की मेहनत रंग लाई और उन्होंने मोबाइल गेम डेवलप किए। उनकी देखा-देखी यूनिवर्सिटी के बाकी स्टूडेंट्स भी उनके प्रोजेक्ट से जुड़ गए। यूनिवर्सिटी की तरफ से प्रेस रिलीज में बताया गया कि ये वीडियो गेम बनाने वाली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स की  सबसे बड़ी टीम बन गई। 

आमिर अली ने कहा कि जैसे ही हमने प्रोजेक्ट शुरू किया, शेफील्ड यूनिवर्सिटी के बहुत से स्टूडेंट्स हमसे आकर जुड़ने लगे। कंप्यूटर साइंस ही नहीं, आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज, इंजीनियरिंग, साइंस और सोशल साइंस जैसे विषयों की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स भी हमारे प्रोजेक्ट में शामिल हो रहे थे। वे सभी गेमिंग को लेकर खासे उत्साहित थे, लेकिन उन्हें ये पता नहीं था कि शुरुआत कैसे की जाए। 

अली ने आगे बताया कि प्रोजेक्ट पिक्सेल ने इन स्टूडेंट्स को दिशा और अवसर प्रदान किया कि वे साथ मिलकर गेम डेवलप करें और गेमिंग इंडस्ट्री में अपना पहला कदम रखें। हमारा उद्देश्य समाज के लिए कुछ करना था। इसी के तहत हमने फैसला किया है कि गेम से जितनी भी कमाई होगी, उसे हम पूरा का पूरा चैरिटी में लगाएंगे। 

आमिर अली ने कहा कि अब तक 25 से ज्यादा छात्र हमारे प्रोजेक्ट से जुड़ चुके हैं। अब हम दूसरे विश्वविद्यालयों के छात्रों को भी प्रेरित करना चाहते हैं और इसे ग्लोबल मूवमेंट बनाना चाहते हैं। प्रोजेक्ट पिक्सेल ने साबित कर दिया है कि भले ही आप कोई भी पढ़ाई कर रहे हों, आप गेम डेवलपमेंट के बारे में कुछ जानते हों या नहीं, लेकिन अगर आपके अंदर जुनून और जज्बा है तो आपके लिए कुछ भी करना असंभव नहीं है। 

शेफील्ड यूनिवर्सिटी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से जुड़कर जिन छात्रों ने कमाल कर दिखाया, उन्हें पहले वीडियो गेम प्रोडक्शन के बारे में कुछ भी अनुभव नहीं था। हालांकि उन्होंने अपने पैशन की बदौलत इस इंडस्ट्री के लिए जरूरी स्किल्स डेवलप कीं और अब वो सभी हमारा नाम रोशन कर रहे हैं। 

यूनिवर्सिटी ने बताया कि छात्रों की इस टीम ने अब तक दो गेम तैयार किए हैं, ये हैं- Color Dash और Flight Frenzy। ये दोनों ही रनर स्टाइल गेम हैं, जिसमें प्लेयर को बाधाओं को पार करते हुए लगातार दौड़ना होता है और सर्वाइव करना होता है। 


 

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