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भारतीय छात्रों के लिए कनाडा-अमेरिका सेफ नहीं? हमलों में सबसे ज्यादा मौतें इन्हीं देशों में

भारतीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में बताया कि 2019 के बाद से विदेशों में भारतीय छात्रों के खिलाफ हमले बढ़े हैं।

भारतीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में भारतीय छात्रों को लेकर अहम जानकारी दी। / facebook @ Kirtivardhan Singh

साल 2019 के बाद से विदेशों में भारतीय छात्रों पर हुए हमलों में सबसे अधिक मौतें कनाडा में हुई हैं। इसके बाद अमेरिका का नंबर है। ये जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से संसद के उच्च सदन राज्यसभा में दी गई है। 

भारतीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में बताया कि विदेशों में भारतीय छात्रों के खिलाफ हमले 2019 से बढ़ रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में कनाडा में नौ भारतीय छात्र हमलों के शिकार बने हैं जबकि अमेरिका में सात भारतीय छात्रों की मौतें हुई हैं। 

विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि 2019 से लेकर 2024 के बीच 20 भारतीय छात्रों की विदेशों में जान गई है। इनमें से 80 फीसदी मौतें कनाडा और अमेरिका और कनाडा में हुई हैं। 

विदेश मंत्रालय के अनुसार, कनाडा अमेरिका के अलावा अन्य देशों में भी भारतीय छात्र हमलों के शिकार हुए हैं। इस अवधि में भारत के छात्रों पर हमलों की 58 घटनाएं हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा रूस में 14 घटनाएं हुईं, हालांकि वहां किसी छात्र की मौत नहीं हुई। यूके में 12 हमले हुए और एक छात्र की जान गई।

मंत्रालय के मुताबिक, अन्य जिन देशों में भारतीय छात्रों पर हमले हुए, उनमें आयरलैंड में 6, ऑस्ट्रेलिया में 4, इटली में 3 और ईरान, चीन व किर्गिस्तान में एक-एक हमले हुए थे। इन घटनाओं ने भारतीय समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है। 

इससे पहले इस साल अगस्त में विदेश मंत्रालय ने बताया था कि पिछले पांच वर्षों में विभिन्न वजहों से सबसे ज्यादा 172 भारतीय छात्रों की मौत कनाडा में हुई है। हमलों में सात छात्रों की मौत के अलावा अन्य छात्रों की जान मेडिकल वजहों से या फिर हादसों के कारण हुई है।
 

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