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ट्रम्प ने कहा- रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत, UK ने लगाए प्रतिबंध

ट्रम्प ने कहा कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, जबकि ब्रिटेन ने रूस की प्रमुख तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए।

 ट्रम्प का दावा है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। ट्रम्प का दावा है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। / REUTERS/Dado Ruvic/Illustration

रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच पश्चिमी देशों ने रूस के तेल कारोबार पर दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, जबकि ब्रिटेन ने रूस की प्रमुख तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए।

ट्रम्प और ज़ेलेंस्की की बैठक
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की 17 अक्टूबर को वॉशिंगटन में ट्रम्प से मिलेंगे और सैन्य तथा ऊर्जा सहायता के लिए चर्चा करेंगे। इस बीच, भारत के अधिकारी भी यूएस में व्यापार वार्ता के लिए मौजूद हैं, जहां अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर शुल्क दोगुना कर दिया है और कहा कि रूस से तेल आयात घटाना व्यापार समझौते की कुंजी है।

भारत और चीन के रूस के तेल आयात
भारत और चीन रूस के कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदार हैं, जिसे रूस को यूरोप के नुकसान के बाद छूट पर बेचने पर मजबूर होना पड़ा। भारत के तेल रिफाइनर दिसंबर से रूस से तेल खरीद कम करने की तैयारी कर रहे हैं, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक निर्देश नहीं दिया गया है। रूस भारत के कुल तेल आयात का 36 प्रतिशत, यानी लगभग 1.75 मिलियन बैरल प्रति दिन, प्रदान करता है।

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ब्रिटेन ने लगाए नए प्रतिबंध
ब्रिटेन ने रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों, Lukoil और Rosneft पर प्रतिबंध लगाया। साथ ही चीन की Yulong Petrochemical और तीन पोर्ट ऑपरेटरों पर भी प्रतिबंध लागू किया। प्रतिबंधों का उद्देश्य 51 जहाजों, सात LNG टैंकरों और भारत में रूस के स्वामित्व वाली Nayara रिफाइनरी को भी प्रभावित करना है। Nayara पहले ही यूरोपीय संघ द्वारा प्रतिबंधित है।

चीन और रूस की प्रतिक्रिया
चीन ने कहा कि वह अधिकार बिना प्रतिबंधों का विरोध करता है और ब्रिटेन के कदम पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। रूस ने कहा कि ये प्रतिबंध बाजार को अस्थिर करेंगे, ब्रिटिश उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ाएंगे, लेकिन रूस की विदेश नीति पर असर नहीं डालेंगे।

रूस और भारत की साझेदारी
रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि रूस और भारत का सहयोग जारी रहेगा, और राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि इस साल रूस का तेल उत्पादन केवल थोड़ी कमी के साथ जारी रहेगा।

वर्तमान स्थिति
ट्रम्प और पुतिन की अगस्त में हुई बैठक से यूक्रेन युद्ध पर कोई बड़ा समाधान नहीं निकला। कीव रूस के तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले कर रहा है, जबकि रूस के हवाई हमले से यूक्रेन में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।

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