दीक्षांत समारोह में शशि थरूर / Fletcher School of Law and Diplomacy at Tufts University via LinkedIn
भारत के वरिष्ठ राजनेता और मैसाचुसेट्स स्थित टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र शशि थरूर ने 17 मई को टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। थरूर ने 2026 के दीक्षांत समारोह में मुख्य भाषण यानी कीनोट एड्रेस दिया।
फ्लेचर स्कूल ने उनके बारे में कहा कि हमारे प्रतिष्ठित पूर्व छात्र डॉ. थरूर का स्वागत करना हमारे लिए सम्मान की बात है। एक राजनयिक, राजनेता और लेखक के रूप में उनके जीवनभर के अनुभव और वैश्विक प्रभाव से जुड़े विचार हमारे छात्रों के लिए प्रेरणादायक हैं।
शशि थरूर का जन्म लंदन में हुआ था लेकिन वह खुद को भारतीय बताते हैं। उनका जन्म चंद्रन थरूर और लिली थरूर के घर हुआ था। बाद में जब उनके माता-पिता ने स्थायी रूप से भारत लौटने का फैसला किया, तो वह भारत आ गए। 19 साल की उम्र में थरूर एक बार फिर भारत छोड़कर छात्रवृत्ति पर फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी में पढ़ने पहुंचे।
उनकी डिग्री पर टफ्ट्स यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी दोनों के चिन्ह थे। उन्होंने यहां एमए और एमएएलडी (मास्टर ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने सिर्फ 22 साल की उम्र में भारतीय विदेश नीति पर पीएचडी पूरी कर एक रिकॉर्ड बनाया। उनका शोध इंदिरा गांधी के पहले कार्यकाल (1966 से 1977) के दौरान भारत की विदेश नीति पर केंद्रित था।
फ्लेचर स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्हें सर्वश्रेष्ठ छात्र के लिए रॉबर्ट बी. स्टीवर्ट पुरस्कार भी मिला। उन्होंने फ्लेचर फोरम ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स की स्थापना में भी मदद की और इसके पहले संपादक बने। शशि थरूर ने 1978 में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) के कार्यालय में स्टाफ सदस्य के रूप में अपना कूटनीतिक करियर शुरू किया।
इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के विशेष राजनीतिक मामलों के अवर महासचिव का विशेष सहायक नियुक्त किया गया। बाद में उन्होंने भारतीय राजनीति में प्रवेश किया। थरूर चार बार भारतीय संसद के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने अपने पुराने संस्थान के दीक्षांत समारोह में शामिल होने की जानकारी देते हुए यह भी बताया कि इसी कारण वह कांग्रेस नेता वीडी सतीशन के केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।
थरूर ने कहा कि मैं इस सप्ताहांत बोस्टन में हूं जहां मैं अपनी पुरानी यूनिवर्सिटी टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी के दीक्षांत समारोह में मुख्य भाषण दूंगा। साथ ही मैं अपनी ग्रेजुएटिंग क्लास की 50वीं वर्षगांठ के पुनर्मिलन में भी भाग लूंगा। यह अमेरिका में अतीत का जश्न मनाने का अवसर है, जबकि मैं केरल में भविष्य की ओर भी देख रहा हूं।
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