Sikh Dastar Diwas: Hardeep Puri Recalls Old Controversy at US Airport / Instagram@hardeepspuri
भारत के पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपनी सोशल मीडिया पर अमेरिका में घटित एक पुरानी घटना याद की जब उन्होंने अपनी पगड़ी उतारने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने लिखा कि दस्तार यानी पगड़ी सिख समुदाय के लिए सिर्फ कपड़ा नहीं बल्कि आस्था, सम्मान और पहचान का प्रतीक है। सिख दस्तार दिवस के मौके पर उन्होंने संगत को बधाई देते हुए इस घटना को याद किया।
पुरी ने याद करते हुए बताया कि साल 2010 में अमेरिका के एक हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान उनसे पगड़ी हटाने के लिए कहा गया था। उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद उन्हें अलग कमरे में रोका गया। बाद में इस घटना के बाद सिख यात्रियों के लिए सेल्फ-पैट चेक की व्यवस्था लागू हुई ताकि वे अपनी पगड़ी को स्वयं स्पर्श करके सुरक्षा जांच पूरी कर सकें।
पुरी ने यह भी याद किया कि साल 2021 में उन्हें श्री गुरुग्रंथ साहिब के तीन पवित्र स्वरूपों की सेवा करने का भी सौभाग्य मिला था। उस वक्त वह तीनों पवित्र स्वरूपों को काबुल से दिल्ली लाए थे। पुरी ने कहा कि यह उनके जीवन का बेहद पवित्र और भावनात्मक पल था।
यह पूरा प्रसंग एक बार फिर बताता है कि दस्तार सिर्फ धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और गरिमा का प्रतीक है और विदेशों में सुरक्षा प्रक्रियाओं के दौरान सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता को समझना बेहद जरूरी है।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह मामला अकेला नहीं था। भारत की राजनयिक मीरा शंकर को भी अमेरिका के एक एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान रोककर अलग कमरे में तलाशी ली गई थी जबकि उन्होंने अपनी कूटनीतिक पहचान बताई थी। इस घटना पर भारत में काफी विरोध हुआ था।
उस समय भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा था कि भारत ने इस मुद्दे को अमेरिका के सामने उठाया है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। अमेरिका में इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जेनेट नेपोलिटानो ने सुरक्षा जांच को उचित बताया था जबकि हिलेरी क्लिंटन ने चिंता जताई थी। इसी तरह भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल के साथ भी एक एयरलाइन की सुरक्षा जांच के दौरान जूते उतरवाए जाने पर विवाद हुआ था, जबकि प्रोटोकॉल के तहत उन्हें ऐसी जांच से छूट मिलनी चाहिए थी।
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