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भारत में गणतंत्र की धूम: पारंपरिक परेड में देश के साहस, शक्ति और संस्कृति की झांकी

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस बार देश की राजधानी दिल्ली में होने वाले भारत के गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि हैं।

गणतंत्र दिवस समारोह 2026, राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने, भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम है। / PIB/Video Grab

भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमाम देशवासियों के साथ ही भारतवंशियों को भी गणतंत्र की बधाई दी है। गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह देश की राजधानी दिल्ली में मनाया जा रहा है। 

झांकियों का आकर्षण
गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य समारोह का आकर्षण साला परेड है जिसमें देशवासी अपने राष्ट्र की शक्ति, साहस और संस्कृति की जीवंत झलक अपनी आंखों से देखते हैं। इस बार कर्तव्य पथ (पहले राजपथ) पर 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां हैं। यही नहीं मंत्रालयों, विभागों और विभिनिन सेवाओं की 13 झांकियां भी इस पार की परेड में शामिल हैं। ये झांकियां परेड का बड़ा आकर्षण होती हैं। 

मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस बार देश की राजधानी दिल्ली में होने वाले भारत के गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि हैं। उर्सुला का गणतंत्र गिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आना विशेष मायने रखता है। माना जा रहा है कि परेड के ठीक बाद भारत और यूरोप के अफसर भारत-ईयू के बीच एफटीए पर हस्ताक्षर कर दोनों पक्षों के रिश्तों को नई दिशाएं देंगे। 

यह भी पढ़ें: गणतंत्र दिवस पर अमेरिका समेत कई देशों ने भारत को दी बधाई, दिल्ली में उत्सव

देश की राजधीनी दिल्ली में होने वाले मुख्य समारोह के अलावा हरेक राज्य में भी गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जा रहा है। भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में एक दिन पहले ही इस मौके पर तीन दिवसीय समारोहों की शुरुआत हो चुकी है। 

26 जनवरी, 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह 2026, राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने, भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम होगा।

इस वर्ष कर्तव्यपथ पर लगभग 2,500 सांस्कृतिक कलाकार प्रस्तुति देंगे। प्रस्तुति का विषय है “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम और समृद्धि का मंत्र- आत्मनिर्भर भारत। संगीत निर्देशक एमएम कीरावानी, गीतकार सुभाष सहगल, कथावाचक अनुपम खेर और कोरियोग्राफर संतोष नायर होंगे। डॉ. संध्या पुरेचा के समग्र मार्गदर्शन और निर्देशन में यह प्रस्तुति होगी। रचनात्मक डिजाइन और वेशभूषा का कार्य श्रीमती संध्या रमन द्वारा किया जाएगा। 

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