विश्व दीप दीक्षित / Yale University Website
भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक विश्व दीप दीक्षित ने एक नए शोध का नेतृत्व किया है जिसमें पाया गया कि सीमित मात्रा में कैलोरी कम करने से शरीर में सूजन और उम्र बढ़ने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण इम्यून प्रोटीन कम हो जाता है। यह अध्ययन 13 अप्रैल को नेचर एजिंग जर्नल में प्रकाशित हुआ।
यह शोध येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में किया गया जिसमें 42 लोगों के ब्लड सैंपल का विश्लेषण किया गया। ये सभी लोग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ द्वारा समर्थित एक क्लिनिकल ट्रायल का हिस्सा थे जिसे कैलोरी सेवन में कमी के लंबे समय के प्रभाव का व्यापक अध्ययन यानी CALERIE कहा जाता है।
यह दो साल का अध्ययन था जिसमें सामान्य रूप से स्वस्थ वयस्कों पर लगातार कैलोरी कम करने के असर को देखा गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपनी कैलोरी 11% से 14% तक कम की। शोधकर्ताओं ने समय-समय पर लिए गए ब्लड सैंपल में 7,000 से ज्यादा प्रोटीन की पहचान की।
इनमें से एक महत्वपूर्ण प्रोटीन सी3 था जो इम्यून सिस्टम से जुड़ा है और शरीर में सूजन बढ़ाने से संबंधित माना जाता है। कैलोरी कम करने के बाद इस प्रोटीन का स्तर काफी घट गया।
पहले के शोधों में यह पाया गया है कि कैलोरी कम करने से चूहों, बंदरों और मक्खियों जैसे जीवों की उम्र बढ़ सकती है। लेकिन बहुत ज्यादा कैलोरी कम करने से शरीर पर बुरा असर भी पड़ सकता है जैसे संक्रमण का खतरा बढ़ना और विकास रुकना।
इस नए अध्ययन में खास तौर पर मध्यम स्तर की कैलोरी कमी और उसके प्रभावों पर ध्यान दिया गया है। शोध में यह भी देखा गया कि सी3 प्रोटीन शरीर में कहां बनता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि यह मुख्य रूप से शरीर की चर्बी यानी फैट में बनता है।
आगे के विश्लेषण में पता चला कि उम्र बढ़ने के साथ सी3 का स्तर बढ़ता है और यह खास तरह की इम्यून कोशिकाओं (मैक्रोफेज) से जुड़ा होता है, जो फैट टिश्यू में मौजूद होती हैं।
मानव अध्ययन के साथ किए गए पशु परीक्षणों में भी इसी तरह के परिणाम मिले। चूहों में उम्र के साथ सी3 का स्तर बढ़ता पाया गया, खासकर पेट की चर्बी में। जब वैज्ञानिकों ने एक दवा के जरिए सी3 की गतिविधि को रोका, तो चूहों में उम्र से जुड़ी सूजन कम हो गई।
इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि वजन कम होने और सी3 के स्तर में कमी के बीच सीधा संबंध नहीं है, जबकि प्रतिभागियों का औसतन लगभग 18 पाउंड वजन कम हुआ था।
इससे संकेत मिलता है कि कैलोरी कम करने का असर सूजन पर वजन घटने से अलग भी हो सकता है। यह शोध बताता है कि सी3 भविष्य में ऐसी दवाओं का लक्ष्य बन सकता है, जो उम्र से जुड़ी सूजन को कम कर सकें और स्वास्थ्य को बेहतर बना सकें।
अब वैज्ञानिक यह भी देख रहे हैं कि क्या पहले से मौजूद दवाएं, जो सी3 को रोकती हैं, इस अध्ययन जैसे ही परिणाम दे सकती हैं।
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