वायरल तेलुगु लोक डांस के वीडियो का स्नैपशॉट और मयूख पंजा / Courtesy: X/@DrRepatriator; X/@mayukh_panja
अमेरिका में वायरल भारतीय नृत्य पर प्रतिक्रिया को भारतीय मूल के उद्यमी ने नस्लवाद बताया
जर्मनी में रहने वाले एक भारतीय उद्यमी ने वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट के सामने भारतीय लोक नृत्य करने वाली एक महिला के खिलाफ ऑनलाइन प्रतिक्रिया को सीधा नस्लवाद बताया है। दरअसल, एक पोस्ट में कहा गया था कि ऐतिहासिक स्थल को तेलुगु टिकटॉक डांस स्टेज बना दिया गया है। इस पर उद्यमी मयूख पांजा ने सवाल उठाते हुए कहा कि ये दोहरे मापदंड और भारत विरोधी भावना है।
उन्होंने लिखा कि अगर यहां कुछ श्वेत लोग पारंपरिक आयरिश डांस कर रहे होते तो आपको इसमें जरा भी समस्या नहीं होती। पांजा ने लिखा कि मैं अक्सर विदेशों में भारतीय प्रवासी समुदाय के व्यवहार की आलोचना करता हूं। लेकिन इस महिला के प्रति जो नफरत दिखाई जा रही है, वह सीधा नस्लवाद है।
बार-बार निशाना बनाए जाने पर उन्होंने सवाल किया कि भारतीयों के प्रति यह पागलपन आखिर क्यों है? अमेरिका में कुछ रूढ़िवादी समूहों की ओर से एच-1बी वीजा पर आने वाले भारतीयों के खिलाफ होने वाली आलोचना का जिक्र करते हुए पांजा ने कहा कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम को रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने कानून के रूप में लागू किया था।
I am often critical of how the diaspora behaves on foreign shores. But the hatred towards this lady is just straight up racism.
— Mayukh (@mayukh_panja) March 7, 2026
If this were a group of white people doing a traditional Irish dance you would not find the slightest problem with it. And you know that deep down.… https://t.co/qxxqhfNgj5
पांजा ने कहा कि भारतीय पेशेवरों का औसत टेक वेतन 1,50,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक है। कई लोग करीब पांच लाख डॉलर या उससे अधिक भी कमाते हैं। उन्होंने कहा कि ये नौकरियां सामान्य नौकरियों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि तो आखिर आपको किस बात की इतनी नाराजगी है? पांजा ने कहा कि इस प्रस्तुति की सराहना होनी चाहिए।
पांजा ने पोस्ट में आए एक जवाब में यह भी कहा कि ऐसे प्रतिष्ठित स्थलों पर इस तरह की गतिविधियां कानून के तहत अनुमति प्राप्त हैं। उन्होंने नेशनल पार्क सर्विस के दिशा-निर्देशों का लिंक भी साझा किया। इस विवाद ने अमेरिका में सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, सार्वजनिक स्थानों के नियमों और भारतीय प्रवासियों के प्रति दृष्टिकोण को लेकर ऑनलाइन चर्चा को और बढ़ा दिया है।
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