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पीएम मोदी की इजरायल यात्रा, संसद में संबोधन से इतिहास रचने तक, जानें पूरा शेड्यूल

भारत के प्रधानमंत्री बुधवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे इजरायल के अपने आधिकारिक दौरे पर इजरायल पहुंचेंगे। बेंजामिन नेतन्याहू उन्हें रिसीव करेंगे।

पीएम मोदी और साथ में इजलायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू / PC-X/@IsraeliPM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी जमीन पर एक और इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। पीएम मोदी नेसेट यानी इजरायली संसद को संबोधित करेंगे और ऐसा करने वाले वो भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने संभावित शेड्यूल साझा किया है। भारत के प्रधानमंत्री बुधवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे इजरायल के अपने आधिकारिक दौरे पर इजरायल पहुंचेंगे। बेंजामिन नेतन्याहू उन्हें रिसीव करेंगे।

इसके बाद दोनों की पीएम बेन गुरियन एयरपोर्ट परिसर में एक छोटी सी बैठक होगी। इसके बाद दोनों यरुशलम जाएंगे, जहां करीब शाम 4:30 बजे नेसेट (इजरायली संसद) में एक आधिकारिक स्वागत समारोह में पीएम मोदी का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद पीएम मोदी नेसेट प्लेनम (नेसेट का सर्वोच्च शासी निकाय) को संबोधित करेंगे, ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे। उनसे पहले नेतन्याहू का भी संबोधन होगा।

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शाम 6 बजे, पीएम मोदी यरूशलम में एक इनोवेशन इवेंट में शामिल होंगे, जिसके बाद शाम 7:30 बजे किंग डेविड होटल में ऑफिशियल डिनर का आयोजन किया गया है।

गुरुवार को सुबह 9 बजे, दोनों 'याद वाशेम होलोकॉस्ट मेमोरियल सेंटर' जाएंगे। आमतौर पर इजरायल आने वाले राष्ट्राध्यक्ष यहां जाते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सुबह 11 बजे, वे किंग डेविड होटल में एक बड़ी बैठक करेंगे, जिसके बाद दोनों के समक्ष (हस्ताक्षर किए गए) "पहले से तैयार समझौते" का आदान-प्रदान किया जाएगा और इसके बाद मीडिया के सामने संयुक्त बयान जारी किया जाएगा।

पीएम मोदी के गुरुवार को दोपहर 2 बजे इजरायल से स्वदेश रवाना होने की उम्मीद है।

इजरायली पीएम ने रविवार को अपनी साप्ताहिक कैबिनेट बैठक और बाद में एक्स पर शेयर किए गए वक्तव्यों में पीएम मोदी के दौरे को ऐतिहासिक बताया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इजरायल इस इलाके में या इसके आस-पास “देशों का एक एक्सिस” बनाना चाहता है, जिसमें भारत, ग्रीस, साइप्रस और बिना नाम वाले अरब, अफ्रीकी और एशियाई देश शामिल हैं। इजरायली पीएम नेतन्याहू ने इस दौरे के लिए अपने विजन को एक बड़े स्ट्रेटेजिक फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाने के तौर पर बताया।

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