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इस देश में दिव्यांगों की मदद के लिए भारत देगा 9.9 लाख डॉलर की मदद

यह राशि भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष के कॉमनवेल्थ विंडो से प्रदान की जाएगी। 

 भारत और सिएरा लियोन के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध रहे हैं। भारत और सिएरा लियोन के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध रहे हैं। / Image : Wikimedia/Unsplash

भारत सरकार ने सिएरा लियोन में दिव्यांग लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 9.9 लाख डॉलर (लगभग 8.2 करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। यह राशि भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष के कॉमनवेल्थ विंडो से प्रदान की जाएगी। 

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) भी इस परियोजना में 4 लाख डॉलर का योगदान करेगा। सिएरा लियोन सरकार ने इस प्रोजेक्ट को अपनी शीर्ष राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल किया है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांग नागरिकों को प्रशिक्षण और सहकारी समितियों के माध्यम से स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है। 

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परियोजना के तहत दिव्यांग केंद्रों का जीर्णोद्धार किया जाएगा, प्राथमिकता वाले कौशल क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे और दिव्यांगों की गतिशीलता व सामाजिक सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए टेक्नोलोजी का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, उपकरण खरीदने के लिए ऋण कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।  

भारत और सिएरा लियोन के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध रहे हैं। भारत ने सिएरा लियोन को लाइन ऑफ क्रेडिट और ECOWAS बैंक फॉर इन्वेस्टमेंट एंड डेवलपमेंट के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में 250 मिलियन डॉलर की सहायता प्रदान की है। 

पैन अफ्रीकन टेली एजुकेशन और टेली मेडिसिन इनिशिएटिव (e-VBAB) के तहत सिएरा लियोन के 450 से अधिक नागरिकों ने भारतीय विश्वविद्यालयों से विभिन्न पाठ्यक्रमों ऑनलाइन पढ़ाई की है। भारत के विभिन्न संस्थानों में पढ़ाई करने वाले सिएरा लियोन के छात्रों को आईटीईसी और आईसीसीआर स्कॉलरशिप भी प्रदान की जाती है।  

भारत सरकार द्वारा जून 2017 में स्थापित भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष विकासशील देशों में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने में योगदान देने वाले प्रोजेक्टों को सपोर्ट करता है। यह कोष आपसी सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित है और राष्ट्रीय स्वामित्व, नेतृत्व, समानता, स्थिरता, स्थानीय क्षमता विकास व पारस्परिक लाभ को प्राथमिकता देता है। 

भारत सरकार ने इस कोष के लिए कुल 150 मिलियन डॉलर का प्रावधान किया है। अब तक, भारत-यूएन कोष के तहत 65 देशों में 86 प्रोजेक्टों को लागू किया जा चुका है।
 

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