सांकेतिक तस्वीर / Pexels
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक नया पायलट कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है जिसके तहत कुछ विजिटर वीजा आवेदक अतिरिक्त 750 डॉलर शुल्क देकर जल्दी वीजा इंटरव्यू अपॉइंटमेंट हासिल कर सकेंगे। यह सुविधा खास तौर पर उन भारतीय यात्रियों के लिए राहत बन सकती है, जो लंबे समय से वीजा अपॉइंटमेंट का इंतजार कर रहे हैं।
यह कार्यक्रम 1 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा। यह बी1/बी2 विजिटर वीजा के लिए आवेदन करने वालों पर लागू होगा जो व्यापार, पर्यटन या चिकित्सा उपचार के उद्देश्य से अमेरिका जाना चाहते हैं। यह नया शुल्क मौजूदा 185 डॉलर मशीन रीडेबल वीजा यानी MRV आवेदन शुल्क के अतिरिक्त होगा। यानी तेज इंटरव्यू सुविधा लेने वाले आवेदक को कुल 935 डॉलर चुकाने होंगे।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार अतिरिक्त शुल्क देने वाले आवेदकों को भाग लेने वाले दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में 10 कार्यदिवसों के भीतर उपलब्ध इंटरव्यू स्लॉट तक पहुंच मिल सकेगी। यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब अमेरिका 2026 फीफा विश्व कप और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेलों से पहले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शुल्क आधारित तेज अपॉइंटमेंट सेवा की मांग का परीक्षण करना और मौजूदा आपातकालीन अपॉइंटमेंट प्रणाली पर दबाव कम करना है। भारतीय यात्रियों के लिए यह नई सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें अचानक व्यापारिक यात्रा, पारिवारिक मुलाकात, पर्यटन या चिकित्सा उपचार के लिए अमेरिका जाना हो।
भारत अमेरिका के लिए वीजा आवेदन करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है। महामारी के बाद जमा हुए मामलों में कमी आई है, लेकिन यात्रा के व्यस्त मौसम में कई स्थानों पर अभी भी अपॉइंटमेंट में देरी होती है। नए कार्यक्रम के तहत आवेदकों को पहले सामान्य वीजा आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और नियमित इंटरव्यू अपॉइंटमेंट बुक करनी होगी।
इसके बाद यदि कोई पहले का स्लॉट उपलब्ध होता है, तो आवेदक ऑनलाइन अतिरिक्त शुल्क देकर उसे चुन सकता है।
विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेज़ अपॉइंटमेंट की संख्या सीमित होगी और यह दूतावासों तथा वाणिज्य दूतावासों की उपलब्ध क्षमता पर निर्भर करेगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अतिरिक्त शुल्क देने से वीज़ा मंजूरी की कोई गारंटी नहीं मिलेगी।
सभी आवेदकों को वही इंटरव्यू प्रक्रिया, पात्रता जांच, सुरक्षा सत्यापन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा जो सामान्य आवेदकों के लिए लागू होती हैं। यह शुल्क केवल इंटरव्यू की तारीख जल्दी दिलाने और जहां संभव हो, स्वीकृत पासपोर्ट की वापसी प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए है।
विदेश विभाग ने कहा कि यह सेवा मौजूदा निःशुल्क आपातकालीन अपॉइंटमेंट प्रणाली की जगह नहीं लेगी। मानवीय आपात स्थिति, तत्काल चिकित्सा यात्रा या अमेरिका के राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों में मिलने वाली निःशुल्क त्वरित अपॉइंटमेंट सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
संघीय अनुमान के अनुसार हर साल लगभग 25,700 आवेदक इस तेज सेवा का उपयोग कर सकते हैं, जिससे करीब 1.93 करोड़ डॉलर का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। अधिकारियों ने कहा कि यह शुल्क कार्यक्रम के संचालन और विशेष अपॉइंटमेंट क्षमता बनाए रखने की अनुमानित लागत को ध्यान में रखकर तय किया गया है।
यह घोषणा ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिकी वीज़ा नीतियों में हुए हालिया बदलावों की कड़ी में एक और कदम है। हाल के महीनों में प्रशासन ने कुछ देशों के लिए नए वीजा बॉन्ड नियम और रोजगार आधारित वीजा कार्यक्रमों से जुड़े कई प्रस्ताव भी पेश किए हैं।
अमेरिका में रहने वाले भारतीय-अमेरिकियों के परिवारों तथा समय की कमी वाले व्यावसायिक यात्रियों के लिए यह नया प्रीमियम अपॉइंटमेंट विकल्प वीज़ा इंटरव्यू जल्दी प्राप्त करने का एक रास्ता प्रदान कर सकता है, हालांकि इसकी कीमत काफी अधिक होगी।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login