भारत ने दो दिन में 854 उड़ानें रद्द कर दी हैं / IANS/Deepak Kumar
ईरान और मध्य पूर्व के कई देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारतीय विमानन क्षेत्र में भारी व्यवधान देखने को मिल रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, शनिवार (1 मार्च) को 444 उड़ानों के रद्द होने की आशंका है। एक दिन पहले यानी 28 फरवरी को भारतीय एयरलाइनों की 410 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं।
डीजीसीए ने जारी किया अपडेट
डीजीसीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रमुख हवाई अड्डे संभावित डायवर्जन को संभालने और यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए अलर्ट मोड पर हैं। नियामक ने कहा कि यात्री सहायता, एयरलाइनों के साथ समन्वय और टर्मिनल पर भीड़ प्रबंधन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। हवाई अड्डों पर वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।
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एयरसेवा पर मिल रही शिकायतों का निपटारा
डीजीसीए ने बताया कि मंत्रालय का यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (पीएसीआर) लगातार यात्रियों की समस्याओं पर नजर रख रहा है और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। 28 फरवरी को एयरसेवा पोर्टल पर 216 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 105 का उसी अवधि में समाधान कर दिया गया।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय का बयान
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी भारतीय एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे हवाई क्षेत्र की एडवाइजरी, नोटिस टू एयरमैन (नोटम) और संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी मार्ग प्रतिबंधों पर लगातार नजर रखें। यह कदम अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे के अपडेट दिए जाएंगे।
हवाई अड्डों पर बढ़ाया गया समन्वय
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और निजी हवाई अड्डा संचालकों को ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग बे, यात्री सुविधाओं, क्रू लॉजिस्टिक्स और इमिग्रेशन सपोर्ट के लिए एयरलाइनों के साथ समन्वय बढ़ाने की सलाह दी गई है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति एयरलाइन की वेबसाइट पर जांचते रहें।
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