सिख साम्राज्य के चित्र का अनावरण / Handout
जब इटली के एक युवा ने पहले सिख सम्राट महाराजा रणजीत सिंह की सेना में शामिल होने के लिए स्वेच्छा से कदम बढ़ाया था, तब शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि इटली के फेरारा जिले के फनाले मिलिया गांव का यह बहादुर युवक रोबिनो वेंचुरा एक दिन इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा।
31 मई को ब्रिटेन स्थित सिख फाउंडेशन, सिखी सोसाइटी और वर्ल्ड सिख शहीद (मार्टर) सोसाइटी के सदस्यों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने रोबिनो वेंचुरा की स्मृति में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। गौरतलब है कि 31 मई 2019 को इन संस्थाओं ने महाराजा रणजीत सिंह का एक चित्र अनावरण किया था। अब सात वर्ष बाद स्थानीय लोग एक बार फिर रोबिनो वेंचुरा के पैतृक घर के बाहर एकत्र हुए जहां महाराजा रणजीत सिंह के दरबार का नया चित्र स्थापित किया गया।
स्थानीय समुदाय ने सिख शासक को श्रद्धांजलि देते हुए उस दौर को याद किया, जब कई इतालवी नागरिक पंजाब तक का लंबा सफर तय करके महाराजा रणजीत सिंह के साम्राज्य में सेवा देने पहुंचे थे। रोबिनो वेंचुरा के जीवन को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब भी वे उनके पैतृक घर के पास से गुजरते हैं, उन्हें वह गौरवशाली समय याद आता है जब सिख साम्राज्य में सेवा देने वाले परिवारों ने सम्मान और समृद्धि का जीवन जिया था।
दिनभर चले इस समारोह में नए चित्र का अनावरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय इतालवी नागरिकों के साथ आसपास के क्षेत्रों से सिख समुदाय के लोग भी शामिल हुए।
विशेष समारोह में वर्ल्ड सिख शहीद (मार्टर) सोल्जर्स सोसाइटी के अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह समेत संगठन के कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। इनमें मंजींदर सिंह खालसा, सतनाम सिंह, सेवावा सिंह फौजी, जसवीर सिंह धनौता, कमलजीत सिंह, जतिंदर सिंह पप्पी और सिखी सोसाइटी के जगजीत सिंह व सोनू शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा सिंह सभा नोवोलारा की ओर से सभी प्रतिभागियों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। समारोह का मुख्य आकर्षण सिख साम्राज्य को दर्शाने वाले नए चित्र का अनावरण रहा जिसने उपस्थित लोगों को महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल और सिख साम्राज्य के साथ इटली के ऐतिहासिक संबंधों की याद दिलाई।
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