राजदूत क्वात्रा / X/ @cgihou
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस एट ऑस्टिन इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विकास और नवाचार भारत और अमेरिका दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
कार्यक्रम में क्वात्रा ने विश्वविद्यालय और आयोजकों की सराहना की कि उन्होंने विद्वानों, छात्रों और पेशेवरों को एक साथ लाकर 2047 में भारत की शताब्दी की ओर उसके सफर पर चर्चा करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के विकास को आकार देने वाले निर्णय, सोच-समझकर की गई अकादमिक और नीतिगत चर्चाओं पर आधारित हैं, जो आने वाले दशकों में देश के बदलाव की नींव बनेंगे।
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Ambassador of India to the United States, H.E. Vinay Kwatra, virtually addressed the inaugural session of the University of Texas Austin India Conference, held under the theme “India at 100: Decades of Decisions” at McCombs Business School.
— India in Houston (@cgihou) April 11, 2026
Commending the University and… pic.twitter.com/UVz6DU5poO
यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस एट ऑस्टिन के मैककॉम्ब्स स्कूल ऑफ बिजनेस में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का विषय था '100 साल का भारत: निर्णयों के दशक' और इस कॉन्फ्रेंस में भारत की दीर्घकालिक नीतिगत प्राथमिकताओं और आर्थिक दिशा का विश्लेषण किया गया, क्योंकि देश 'विकसित भारत 2047' की दिशा में काम कर रहा है।
ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत डी. सी. मंजूनाथ ने विकास त्रिकोण नामक सत्र के दौरान कहा कि भारत-अमेरिका संबंध सरकार-से-सरकार (G2G), व्यापार-से-व्यापार (B2B) और लोगों-से-लोगों (P2P) के जुड़ाव के माध्यम से लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारत और टेक्सास के बीच सहयोग के महत्व और प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और नवाचार के क्षेत्रों में मौजूद अवसरों पर प्रकाश डाला।
ह्यूस्टन स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस से भारत के बदलते नीतिगत परिदृश्य, विकास की प्राथमिकताओं और भारत-अमेरिका-टेक्सास के बीच गहरे होते संबंधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
दूतावास ने कहा कि वह टेक्सास भर के शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के साथ लगातार जुड़ाव बनाए रखने के लिए उत्सुक है, ताकि संवाद को बढ़ावा दिया जा सके, नवाचार को प्रोत्साहित किया जा सके और दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत किया जा सके।
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