ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

भारत की जीवन प्रत्याशा में वृद्धि का रुझान, साथ में कई चुनौतियां

भारत की जीवन प्रत्याशा 68.1 वर्ष के अनुमानित आंकड़े से थोड़ा अधिक है लेकिन मृत्यु पंजीकरण संख्या में वृद्धि हुई है।

 भारत की जीवन प्रत्याशा विकसित और ओईसीडी देशों की तुलना में कम है लेकिन इसमें सकारात्मक रुझान देखा गया है।  भारत की जीवन प्रत्याशा विकसित और ओईसीडी देशों की तुलना में कम है लेकिन इसमें सकारात्मक रुझान देखा गया है। / Image : World Bank

भारत की जीवन प्रत्याशा प्रगति तो दर्शाती है लेकिन साथ में कई चुनौतियां भी हैं। विश्व बैंक के हालिया अनुमान के अनुसार भारत की जीवन प्रत्याशा महिलाओं के लिए 68.1 वर्ष और पुरुषों के लिए 73.9 वर्ष है। महिलाओं के लिए यह 66.6 वर्ष के अपेक्षित आंकड़े को थोड़ा पार कर गई है जबकि पुरुषों के लिए यह 71.2 वर्ष के आंकड़े से कुछ आगे है। 

भारत की जीवन प्रत्याशा को प्रमुख रूप से भारतीय नमूना पंजीकरण प्रणाली के माध्यम समझा जा सकता है जिसका आधार नमूना आबादी थी। इसके अलावा लैंसेट की समीक्षा में पाया गया कि भारत और चीन का मृत्यु पंजीकरण भी बढ़ा है जबकि इसके पड़ोसी देश सुस्त थे। बीते कुछ वर्षों में दुनिया भर में मृत्यु पंजीकरण में केवल 10.3% अंक की वृद्धि दर्ज
की गई।

दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत और चीन ने उच्च गुणवत्ता वाले नागरिक पंजीकरण और महत्वपूर्ण सांख्यिकी प्रणाली विकसित करने में भी प्रगति की है। कोविड-19 महामारी ने विशेष रूप से न्यूनतम महत्वपूर्ण पंजीकरण बुनियादी ढांचे वाले देशों में विश्वसनीय स्वास्थ्य डेटा की तात्कालिकता को रेखांकित किया है। ऐसे डेटा की अनुपलब्धता ने महामारी के प्रभाव को कम करने वाले प्रयासों को जटिल बना दिया है। इससे कमजोर आबादी के लिए चिंताएं गहरा गई हैं। 



वैश्विक स्तर पर धनी राष्ट्रों में स्वाभाविक तौर पर सबसे लंबे जीवन काल की स्थितियां हैं। जापान, लिकटेंस्टीन, स्विटजरलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में 84 वर्ष का आंकड़ा है। हालांकि 2021 में लगातार दूसरे साल कोविड महामारी में गिरावट आई थी। यह 2019 और 2021 के बीच 1.6 साल की गिरावट थी। संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व स्तर पर 60वें स्थान पर है। वर्ष 2021 में यहां की जीवन प्रत्याशा 76 वर्ष थी। ओईसीडी देशों के लिहाज से 38 सदस्य देशों में अमेरिका का स्थान 30वां था।

यूनाइटेड किंगडम में जीवन प्रत्याशा 82.2 से अधिक थी। हालांकि अनुमानित संख्या लगभग 82.4 वर्ष थी। वहीं, चाड, नाइजीरिया और लेसोथो जैसे अफ्रीकी देशों में 53 वर्षों के साथ सबसे कम जीवन प्रत्याशा दर्ज की गई।
 

Comments

Related