••
एक अन्य पोस्ट में विदेश मंत्री ने लिखा- सूरीनाम में भारत किसी दूर के साझेदार को नहीं देखता, बल्कि भारत वहां अपना परिवार देखता है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, एस. जयशंकर दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपनी यात्रा के दौरान सूरीनाम के नेतृत्व के साथ कई द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे।
Credit: X/@DrSJaishankar