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भारत और न्यूजीलैंड 27 अप्रैल को करेंगे FTA पर हस्ताक्षर

यह जानकारी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की ओर से शुक्रवार को दी गई। लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, 'हम सोमवार को भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करेंगे।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन सोमवार, 17 मार्च, 2025 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित थे। / IANS/FILE

भारत और न्यूजीलैंड 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर करेंगे। यह जानकारी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की ओर से शुक्रवार को दी गई। लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, 'हम सोमवार को भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करेंगे।'

इसके साथ ही लक्सन एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे यह एफटीए न्यूजीलैंड के लिए फायदेमंद होगा। इस दौरान उन्होंने एक फैक्ट्री का भी दौरा किया। 

वीडियो में लक्सन ने कहा, 'मैं क्राइस्टचर्च में मौजूद हैमिल्टन जेट के प्लांट में हूं। यह कंपनी 70 से ज्यादा देशों में बोट में इस्तेमाल होने वाले जेट इंजन का निर्यात करती है। फिलहाल इस कंपनी को टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। इस डील से अब वाटर जेट पर 8.25 प्रतिशत का टैरिफ भारत को होने वाले निर्यात पर लगेगा। इससे कई हाई-स्किल रोजगार के अवसर पैदा होंगे।'

इस हफ्ते की शुरुआत में न्यूजीलैंड के ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट मंत्री टोड मैक्ले ने कहा था कि भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट एफटीए में लीगल वेरिफिकेशन का काम पूरा हो चुका है और दोनों देश 27 अप्रैल को समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के व्यापार जगत से जुड़े बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद होंगे। 

मैक्ले ने अपने बयान में कहा, "यह एक पीढ़ी में केवल एक बार आने वाला मौका है। इससे हमारे निर्यातकों को 1.4 अरब की आबादी वाला एक बड़ा बाजार और एक ऐसी अर्थव्यवस्था में अपना सामान बेचने का मौका मिलेगा, जो कि जल्दी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रही है।"

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के बीच, न्यूजीलैंड की समृद्धि के लिए भारत के साथ व्यापार समझौता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

मंत्री ने कहा, "एफटीए पर हस्ताक्षर करने से न्यूजीलैंड को औपचारिक संसदीय संधि समीक्षा शुरू करने का अवसर मिलेगा और जनता समझौते की पूरी तरह से जांच कर सकेगी।"

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